शटडाउन में घुटने लगा है दुनिया की सबसे बड़ी अमेरिकी अर्थव्यवस्था का दम

नई दिल्ली : दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका में 1 अक्टूबर से शटडाउन है और हाल फिलहाल इसके खत्म होने के कोई आसार नहीं हैं। इसका असर अब अमेरिका की इकॉनमी पर भी पड़ता दिख रहा है। खासकर छोटे कारोबारियों को शटडाउन के कारण टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण उनका बिजनेस अटक गया है। इसके साथ ही फेडरल गवर्नमेंट के लाखों कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के कारण वे अपनी बचत को खर्च करने से बच रहे हैं। यह सब ऐसे समय हो रहा है जबकि अमेरिका की फेडरल गवर्नमेंट का कर्ज 38 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है। शटडाउन के कारण सरकार के कई जरूरी कामकाज रुक गए हैं। इनमें लेंडिंग और टैक्स क्रेडिट की प्रोसेसिंग शामिल है। माना जा रहा है कि अगर शटडाउन की स्थिति लंबे समय तक चलती है तो कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर सकती हैं। इसकी वजह यह है कि लोगों के पास खर्च करने के लिए पैसे नहीं हैं। इस कारण कई कंपनियों का कारोबार प्रभावित हुआ है। मसलन लोगों ने बाहर खाना-पीना कम कर दिया है जिससे रेस्टोरेंट्स की इनकम पर असर पड़ रहा है। कोरोना महामारी के कारण कई बिजनेस को संभलने में कई महीने लग गए थे और अब शटडाउन ने उनकी हालत एक बार फिर खराब कर दी है।

शटडाउन की वजह

पिछली बार अमेरिका में शटडाउन 22 दिसंबर 2018 को शुरू हुआ था और 25 जनवरी, 2019 तक 35 दिन चला था। यह अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबा शटडाउन था। इससे अमेरिका की इकॉनमी को 3 अरब डॉलर की चपत लगी थी। अमेरिका की सरकार को अपने खर्च चलाने के लिए फंड की जरूरत होती है। यह फंड कर्ज लेकर पूरा किया जाता है। इसके लिए एक बिल अमेरिकी संसद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में लाया जाता है। लेकिन इस बार फंडिंग बिल को संसद की मंजूरी नहीं मिली जिससे 1 अक्तूबर से देश में शटडाउन हो गया।

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