जमशेदपुर: सिंहभूम डाक मंडल ने 6 से 10 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह 2025 का सफल और प्रेरणादायक आयोजन किया। इस सप्ताह भर चले विविध कार्यक्रमों ने भारतीय डाक विभाग की “सेवा ही धर्म” की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया और इसे सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में डाक विभाग की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया गया।
वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने सप्ताह के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह 2025 भारतीय डाक की सेवा भावना, तकनीकी नवाचार, वित्तीय समावेशन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतिबिंब रहा। ग्राहकों से अपील है कि वे डाक विभाग की सेवाओं का अधिकतम लाभ लें।
डाक सप्ताह की झलकियाँ
6 अक्टूबर – प्रौद्योगिकी दिवस
जमशेदपुर प्रधान डाकघर में डाक कर्मचारियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विभाग की डिजिटल पहलों और तकनीकी प्रगति पर आधारित प्रश्नों के माध्यम से आधुनिकीकरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया गया।
7 अक्टूबर – वित्तीय समावेशन दिवस
इस दिन सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 55 बालिकाओं के खाते खोले गए। डाक चौपालों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी नागरिकों को बचत योजनाओं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) की सेवाओं और वित्तीय साक्षरता पर जानकारी दी गई। इससे समावेशी बैंकिंग को बड़ी ताकत मिली।
8 अक्टूबर – डाक टिकट संग्रह और नागरिक केंद्रित सेवा दिवस
141 स्कूली बच्चों ने दीनदयाल स्पर्श योजना के तहत प्रतियोगिता में भाग लिया।
चाईबासा गर्ल्स स्काउट स्कूल में आधार नामांकन और अपडेट शिविर का आयोजन कर सैकड़ों लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
श्रीकृष्णा पब्लिक स्कूल के 30 छात्रों ने डाक टिकट संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण किया।
9 अक्टूबर – विश्व डाक दिवस (मुख्य दिन)
मंडल ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया।
वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने सरायकेला उपडाकघर परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरणीय चेतना का संदेश दिया।
10 अक्टूबर – समापन समारोह
जमशेदपुर प्रधान डाकघर में कर्मचारियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्राहकों को डाक विभाग की सेवाओं की जानकारी दी।
इसके बाद ग्राहक संवाद कार्यक्रम में उत्पादों की जानकारी साझा की गई और समस्याओं के समाधान के लिए विभागों को निर्देश दिए गए।
