जमशेदपुर : मानगो थाना क्षेत्र के ओलीडीह ओपी अंतर्गत पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को ब्राउन शुगर की अवैध बिक्री करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
डीएसपी (पटमदा) बचनदेव कुजूर ने बताया कि ओलीडीह ओपी क्षेत्र के मुर्दा मैदान के पास भारी मात्रा में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की सूचना मिली थी।
इस पर पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और त्वरित छापामारी की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों — बबन खान उर्फ शेख बबन और पवन साहू — को ब्राउन शुगर और ₹2000 नगद राशि के साथ गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान 140 पुड़िया (कुल 18 ग्राम) ब्राउन शुगर बरामद की गई।
डीएसपी कुजूर ने बताया कि दोनों आरोपी पूर्व में भी नशा कारोबार से जुड़े रहे हैं और इनके खिलाफ मानगो, सीतारामडेरा तथा ओलीडीह ओपी में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों पर कड़ा संदेश गया है। पुलिस का कहना है कि ब्राउन शुगर तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
जानिए क्या है ब्राउन शुगर?
ब्राउन शुगर असल में हेरोइन (Heroin) का एक अशुद्ध और सस्ता रूप है।
यह एक नारकोटिक ड्रग (Narcotic Drug) है, जिसे अफीम (Opium) से बनाया जाता है।
इसमें डायएसेटाइल मॉर्फिन (Diacetylmorphine) नामक रासायनिक पदार्थ होता है, जो सीधे मस्तिष्क पर असर डालता है।
ब्राउन शुगर का रंग हल्का भूरा या गंदला सफेद होता है, इसलिए इसे ब्राउन शुगर कहा जाता है।
इसे कभी-कभी “स्मैक” या “हेरोइन पाउडर” भी कहा जाता है।
यह कैसे इस्तेमाल की जाती है?
ब्राउन शुगर को लोग अक्सर
सूँघते हैं (sniffing)
सुलगाकर धुआँ खींचते हैं (smoking)
या इंजेक्शन के माध्यम से शरीर में डालते हैं (injecting)
हर तरीका बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि यह दिमाग और तंत्रिका तंत्र पर सीधा असर करता है।
शरीर पर इसका असर
ब्राउन शुगर के सेवन से व्यक्ति को क्षणिक नशा और झूठा सुकून मिलता है, लेकिन इसका असर कुछ ही समय रहता है। इसके बाद व्यक्ति बार-बार नशा करने को मजबूर हो जाता है।
लंबे समय तक सेवन करने से:
दिमाग और नर्वस सिस्टम कमजोर पड़ जाता है
हृदय, फेफड़ों और लीवर पर बुरा असर पड़ता है
शरीर में कंपन, कमजोरी और बेचैनी रहती है
भूख और नींद कम हो जाती है
व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर और सामाजिक रूप से अलग-थलग हो जाता है
कानून क्या कहता है?
भारत में ब्राउन शुगर पूरी तरह अवैध है।
इसे बनाने, रखने, बेचने या खरीदने पर NDPS Act, 1985 (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत कठोर सज़ा होती है।
यदि किसी के पास थोड़ी मात्रा भी पाई जाती है, तो उसे 10 साल तक की सजा और लाखों रुपये जुर्माना हो सकता है।
बड़ी मात्रा में तस्करी करने पर 20 साल तक की सजा तक हो सकती है।
