राम-राज्य की स्थापना के लिए आत्मिक विकारों के दहन का संकल्प
जमशेदपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कदमा शाखा की ओर से विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार की संध्या रावण दहन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम शाखा परिसर स्थित चंद्रशेखर मैदान में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 7:30 बजे हुआ, जहां बच्चों द्वारा प्रस्तुत राम, सीता एवं हनुमान की झांकी ने दर्शकों को रामायण की दिव्य गाथा की जीवंत अनुभूति कराई।
राम और लक्ष्मण की भूमिका क्रमशः अर्णव गौतम और रेयांश गौतम ने निभाई।
रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि समाजसेवी गगन रस्तोगी, श्री श्याम बाटली परिवार के अध्यक्ष, तथा सौभाग्य राष्ट्र पत्रिका के संपादक संजय सतपती उपस्थित रहे।
आयोजकों द्वारा अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र और ईश्वरीय सौगात भेंट कर किया गया। सभी अतिथियों ने आयोजकों को सफल कार्यक्रम हेतु बधाई दी तथा समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी कदमा शाखा प्रभारी संजू बहन रहीं। उन्होंने विजयादशमी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल बाह्य रावण के पुतले के दहन का नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर मौजूद विकारों—काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार—के अंत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि जब आत्मा शुद्ध होती है, तभी समाज में सच्चे अर्थों में रामराज्य की स्थापना संभव है।
समारोह के अंत में ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से सभी आगंतुकों व नगरवासियों का आभार प्रकट किया गया। साथ ही, लोगों से आह्वान किया गया कि वे विकारमुक्त जीवन अपनाकर आध्यात्मिकता के मार्ग पर अग्रसर हों।
