पूर्वी सिंहभूम कांग्रेस अध्यक्ष पद की रे स में राजीव मिश्रा आगे
केंद्रीय नेतृत्व तक पहुँचा नाम, जनसमस्याओं पर आक्रामक रुख बना ताकत
Key Points:
- पूर्वी सिंहभूम कांग्रेस अध्यक्ष चयन अंतिम चरण में पहुँचा
- मीडिया चेयरमैन राजीव मिश्रा संभावित अध्यक्ष के रूप में उभरे
- बिजली, पानी, बेरोजगारी पर मुखर संघर्ष से नेतृत्व प्रभावित
जमशेदपुर – कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष पद के लिए चयन प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुँच गई है और इसमें प्रवक्ता सह मीडिया चेयरमैन राजीव मिश्रा का नाम केंद्रीय नेतृत्व तक जा पहुँचा है।
वैसे, मिश्रा का एजेंडा साफ़ दिखता है। वे जिले से एक सांसद और दो विधायक जिताने का लक्ष्य रखते हैं। दूसरी ओर, ऐतिहासिक तिलक पुस्तकालय को नया रूप देकर इसे आंदोलन का मज़बूत केंद्र बनाने की उनकी योजना है।
स्मरण रहे, वे सिर्फ़ बयान नहीं देते बल्कि हर मुद्दे पर सड़कों पर उतरते रहे हैं। उनके अनुसार कार्यकर्ताओं का सम्मान और हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही कारण है कि शीर्ष नेतृत्व उनकी सक्रियता को गंभीरता से देख रहा है।
जमशेदपुर की प्रमुख समस्याओं पर भी उनका स्पष्ट रुख है।
- बिजली संकट: लगातार कटौती और असमान आपूर्ति से लोग परेशान हैं।
- पेयजल संकट: स्वच्छ पानी की कमी से लोग टैंकर माफ़िया पर निर्भर हैं।
- बेरोज़गारी: उद्योग होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलता।
- शिक्षा: सरकारी स्कूलों में शिक्षक और संसाधनों की भारी कमी है।
- महंगाई व भ्रष्टाचार: रोज़मर्रा की वस्तुएँ महँगी और योजनाओं में भ्रष्टाचार हावी है।
एक स्थानीय सूत्र ने कहा, “मिश्रा हर आंदोलन में आगे रहते हैं और जनता के बीच उनकी पहचान मज़बूत है।”
दूसरे शब्दों में, उनका मानना है कि कांग्रेस को कार्यालय तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बल्कि जनता की आवाज़ बनकर हर गली और गाँव तक पहुँचना चाहिए।
मिश्रा ने संदेश दिया है, “यह पद मेरे लिए व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं है। यह कार्यकर्ताओं के सम्मान और जनता की आवाज़ को बुलंद करने का अवसर है। मेरा सपना है कि कांग्रेस फिर से मज़बूत रूप में लौटे।”

