जमशेदपुर: झारखंड कांग्रेस के प्रदेश सचिव और पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार राकेश तिवारी ने शनिवार को कोल्हान प्रवास पर आए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (CWC) के स्थायी सदस्य एवं झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू से सरायकेला परिसदन में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रभारी का गर्मजोशी से स्वागत किया और संगठन सृजन अभियान पर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान राकेश तिवारी ने कांग्रेस में अपने 35 वर्षों के लंबे योगदान का उल्लेख करते हुए प्रदेश प्रभारी से आग्रह किया कि जिला अध्यक्ष के चयन में केवल जातीय समीकरणों को आधार न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह पद ऐसे व्यक्ति को मिलना चाहिए जो पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित हो, संगठन के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहे और सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने में सक्षम हो।
तिवारी ने स्पष्ट कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष वही बने जो 24 कैरेट प्योर कांग्रेस का सच्चा सिपाही हो, निचले स्तर तक संगठन को विस्तार देने की क्षमता रखता हो और कार्यकर्ताओं को परिवार की तरह जोड़कर रख सके।
राकेश तिवारी पार्टी में छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं और लंबे समय तक विभिन्न दायित्व निभाते हुए संगठन को मजबूत किया है।
यही अनुभव और सक्रियता अब उन्हें जिला अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार के रूप में खड़ा करती है।
भेंट के दौरान मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी तिवारी के अनुभव और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें जिले के लिए उपयुक्त विकल्प बताया।
बताते चलें कि पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी संगठनात्मक दृष्टि से कोल्हान का अहम जिला माना जाता है।
यहां की राजनीति सीधे जमशेदपुर शहरी और ग्रामीण सीटों पर असर डालती है।
पिछले कुछ वर्षों में जिला अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस में कई बार खींचतान देखने को मिली है।
यही कारण है कि इस बार प्रदेश प्रभारी के. राजू के सामने जिला अध्यक्ष चयन एक बड़ी चुनौती है।
राकेश तिवारी की दावेदारी की तीन मुख्य बातें
35 वर्षों का अनुभव – छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश सचिव तक, संगठन में लगातार सक्रिय भूमिका।
“24 कैरेट प्योर कांग्रेस” का दावा – हर धर्म, जाति व वर्ग को साथ लेकर चलने की क्षमता पर जोर।
जातीय समीकरण का विरोध – कहा, जिला अध्यक्ष चयन निष्ठा, समर्पण और सांगठनिक क्षमता के आधार पर हो।
