जमशेदपुर के सोनारी में गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी समीर सरदार फरार
जमशेदपुर : जमशेदपुर पुलिस ने शनिवार को एक बड़ी सफलता हासिल की। सोनारी तिलोभट्टा इलाके से अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह फैक्ट्री सोनारी तिलोभट्टा टीओपी से मात्र 20 फीट की दूरी पर चल रही थी। गुप्त सूचना पर पुलिस ने जब इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की तो इस अवैध कारोबार की परतें खुलीं।
आठ घंटे चला ऑपरेशन
डीएसपी मनोज ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम ने सुबह 1 बजे से लेकर देर रात तक लगातार अभियान चलाया। पुलिस को मौके से छह पिस्टल, बड़ी मात्रा में हथियार बनाने का उपकरण और तीन लेथमशीन मिलीं। भारी-भरकम लेथमशीन को रातभर सुरक्षा घेरे में रखा गया, जिन्हें बाद में पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने मौके से लखिंदर सरदार और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
मुख्य आरोपी समीर सरदार फरार
इस गन फैक्ट्री का मुख्य सरगना समीर सरदार बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस ने बताया कि समीर सरदार का नेटवर्क झारखंड के अलावा बिहार और उड़ीसा तक फैला हुआ है। वह तैयार हथियारों की सप्लाई के लिए बिहार के कई अपराधी गिरोहों से जुड़ा हुआ था।
पुलिस ने दावा किया कि उसकी गिरफ्तारी से एक बड़े अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश होगा। फिलहाल पुलिस की विशेष टीम उड़ीसा और सरायकेला के कई ठिकानों पर दबिश दे रही है।
तिलो सरदार के मकान से चल रही थी फैक्ट्री
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि हथियार बनाने का धंधा मृत अपराधी तिलो सरदार के घर से संचालित किया जा रहा था। यह घर लंबे समय से अपराधियों का ठिकाना रहा है।
फैक्ट्री को बाहर से देखने पर किसी को शक नहीं होता था। आरोपियों ने सामने की दुकान पर बैग बेचने का धंधा दिखाया हुआ था। वे दिनभर दुकान के बाहर बैठकर आने-जाने वालों पर निगरानी रखते थे ताकि पुलिस या किसी अनजान व्यक्ति को भनक न लगे।
एक साल से चल रहा था धंधा
गिरफ्तार लखिंदर सरदार ने कबूल किया कि यह फैक्ट्री पिछले एक साल से लगातार सक्रिय थी। इस दौरान दर्जनों हथियार बनाए गए और उन्हें बिहार-झारखंड के अपराधियों तक पहुँचाया गया। पुलिस को आशंका है कि अब तक सैकड़ों अवैध हथियार विभिन्न जिलों में सप्लाई किए जा चुके हैं।
स्थानीय लोग भी सकते में
फैक्ट्री के खुलासे से स्थानीय लोग सकते में हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी के इतने पास अवैध हथियारों की फैक्ट्री चलना बेहद चिंताजनक है। कुछ निवासियों ने बताया कि रात में अक्सर मकान के भीतर मशीनों की आवाज आती थी, लेकिन उन्हें अंदेशा नहीं था कि वहां हथियार बनाए जा रहे हैं।
पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस का मानना है कि यह फैक्ट्री केवल एक ठिकाना है, इसके पीछे और भी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हथियारों की सप्लाई किन गिरोहों और अपराधियों तक हुई है।
सूत्रों के अनुसार, बरामद पिस्टल उच्च गुणवत्ता की हैं और बाजार में इनकी कीमत 25 से 30 हजार रुपये तक बताई जाती है। पुलिस इस धंधे के आर्थिक पहलू की भी जांच कर रही है।
डीएसपी मनोज ठाकुर ने कहा कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद किए हैं। फरार आरोपी समीर सरदार को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस सफलता से अवैध हथियार कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।”
