झारखंड के पहले पैरा कराटे ब्लैक बेल्ट प्रदीप अग्रवाल ने लगाई न्याय और सहयोग की गुहार

जमशेदपुर: पैरा कराटे ब्लैक बेल्ट खिलाड़ी प्रदीप अग्रवाल, जो एक दिव्यांग खिलाड़ी हैं, ने अपने साथ हुई कथित नाइंसाफी के खिलाफ न्याय और सहयोग की अपील की है। उन्होंने प्रशासनिक उदासीनता और सहयोग के अभाव का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

प्रदीप अग्रवाल ने प्रशासन और खेल संगठनों से मदद की गुहार लगाते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में अपने सेंसाई राजेश कुमार मेहंती के मार्गदर्शन में कराटे की शुरुआत की थी। कड़ी मेहनत और समर्पण के दम पर उन्होंने 2023 में ब्लैक बेल्ट हासिल की और झारखंड के पहले पैरा कराटे ब्लैक बेल्ट खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया।

उन्होंने अपने करियर का पहला टूर्नामेंट 2018 में “बिरसा मुंडा कप” के रूप में खेला, जिसमें उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर राज्य का नाम रोशन किया।

हाल ही में रांची में आयोजित फेडरेशन कप के दौरान एक विवाद सामने आया, जब किसी व्यक्ति ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में आरोप लगाया गया कि एक पैरा कराटे खिलाड़ी को सामान्य खिलाड़ी के साथ मुकाबला कराया जा रहा है। इस पर प्रदीप का कहना है कि झारखंड में उनके अलावा कोई अन्य पैरा कराटे खिलाड़ी नहीं है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में सामान्य खिलाड़ियों के साथ ही मुकाबला करना पड़ता है।

वीडियो वायरल होने के बाद प्रदीप को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि उन्हें छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) के लिए आवेदन करने में बाधाएं आ रही हैं और उनके खेल पर भी रोक लगा दी गई है। इस स्थिति का उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है।

प्रदीप अग्रवाल ने सरकार, खेल विभाग और संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि उनकी स्थिति को समझते हुए उन्हें न्याय दिलाया जाए, ताकि वे अपने खेल करियर को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि उचित अवसर और सहयोग मिलने पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीत सकते हैं।

उन्होंने यह भी मांग की कि उनके जैसे पैरा खिलाड़ियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं, ताकि उन्हें समान अवसर मिल सके और वे अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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