अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के अध्यक्ष और पूर्व महासचिव के बीच आरोप-प्रत्यारोप
जमशेदपुर: अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के अध्यक्ष राकेश साहू ने महासभा के पूर्व महासचिव मनोज गुप्ता पर समाज का पैसा गबन करने एवं समाननंतर संगठन बनाकर समाज के लोगों से गलत ढंग से पैसों की वसूली का आरोप लगाया है। वहीं मनोज गुप्ता ने इन आरोपों को सिर से खारिज कर दिया है। मनोज गुप्ता ने कहा है कि उन्होंने कमिटी के गलत कार्यों का विरोध किया तो उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस मामले मे महासभा के अध्यक्ष राकेश साहू ने जिले के उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा है। ज्ञापन में उल्लिखित है कि वर्ष 2020 को महासभा के आम चुनाव के उपरांत मनोज गुप्ता महासचिव बने थे। डेढ़ वर्ष के भीतर उन्होंने इस्तीफा दे दिया और खर्च का कोई ब्यौरा भी महासभा को नहीं दिया गया। इतना ही नहीं एक समानांतर संगठन बनाकर समाज के लोगों से गलत ढंग से लाखों की अवैध वसूली की है। उपायुक्त से आग्रह है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए।
इस मामले मे पूर्व महासचिव मनोज गुप्ता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा की चुनाव के माध्यम से वे चुन कर आये थे, लेकिन बाकी पदाधिकारियों के गलत कार्यों के कारण ही उन्होंने डेढ़ वर्ष मे ही इस्तीफा दे दिया था। उन्होने कहा की उन्होंने हर आय व्यय का ब्यौरा रखने, समय पर ऑडिट करवाने जैसे कई मांगों को उठाया था, जिसे बाकी पदाधिकारियों ने दबाने का प्रयास किया। इस कारण उन्होने इस्तीफा दिया था। उन्होंने महासभा के कार्यकलापों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है, जिसकी जांच चल रही है। इसी बौखलाहट के कारण महासभा के पदाधिकारी उनपर झूठा गबन का आरोप लगा रहे हैं।
