बीपीएम का प्रखंड से बाहर निवास करने की शिकायत नहीं आनी चाहिए : उपायुक्त
जमशेदपुर : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर एवं स्वप्रेरित बनाना प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए समूहों की संगठनात्मक क्षमता को सशक्त करना आवश्यक है, ताकि वे बिना किसी बाहरी प्रेरणा के स्वयं ही नए कार्य आरंभ करने एवं ऋण प्राप्त करने के लिए आगे आएं। समाहरणालय सभागार में सोमवार को जेएसएलपीएस एवं एफपीओ की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं। बैठक में उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान मौजूद रहे। बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों का आर्थिक सशक्तिकरण एवं आजीविका विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई ।
क्षेत्रीय उत्पादों की पहचान और आजीविका से जुड़ाव पर बल
उपायुक्त ने कहा कि मॉडल सीएलएफ के अंतर्गत प्रत्येक प्रखंड से 10-15 महिला समूह चिन्हित कर आजीविका संवर्धन की संभावनाओं को तलाशें। बहरागोड़ा में बांस हस्तशिल्प, पटमदा में ढोल-मांदर निर्माण, महुआ संग्रहण तथा अन्य परंपरागत ग्रामीण उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कार्यों से जुड़ी महिलाओं की सूची तैयार की जाए तथा यह पता लगाया जाए कि किस स्तर पर क्या महत्वपूर्ण कमी है। चाहे वह प्रशिक्षण हो, संसाधन हो, या बाज़ार से जुड़ाव हो। उन्होंने यह भी कहा कि इन महिलाओं को अन्य जिलों अथवा राज्यों में प्रशिक्षण हेतु भेजा जाए ताकि वे कुछ नया सीख सकें तथा अपने कौशल और उत्पादों में नवाचार ला सकें।
कहा कि केवल कच्चा माल बेचने के स्थान पर निर्मित वस्तुओं की प्रक्रिया एवं पैकेजिंग पर ध्यान देना आवश्यक है। इससे उत्पाद का मूल्य बढ़ेगा, और अधिक लोगों को आजीविका का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि आने वाले एक महीने तक जेएसएलपीएस के सभी पदाधिकारी और कर्मी क्षेत्र में रहकर सक्रियता से कार्य करें, संभावनाओं की पहचान करें और गुणात्मक सुधार की दिशा में ठोस पहल करें।
कहा कि बीपीएम का प्रखंड क्षेत्र से बाहर निवास करने की शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सभी बीपीएम को निर्देशित किया कि कामकाजी आयु वर्ग की कोई भी महिला स्वयं सहायता समूह में जुड़ने से वंचित न रहे, प्रत्येक महिला को समूह से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए ताकि समावेशी विकास संभव हो सके ।
उपायुक्त ने जीवन ज्योति योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल योजना को लेकर जागरूकता लाने एवं बैंक से समन्वय स्थापित कर मृत्यु की स्थिति में बीमा का राशि का भुगतान कराने के निर्देश दिए। वहीं 16510 एसएचजी का शत क्रेडिट लिंकेज के लिए सक्षम एसएचजी को चिन्हित कर ऋण दिलाएं । मुद्रा ऋण के लंबित आवेदनों का बैंकों से समन्वय स्थापित कर स्वीकृति दिलाएं । बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिला का कुल लक्ष्य 1500 एकड़ भूमि को चिन्हित करने का निर्देश बीपीएम को दिया गया । उप विकास आयुक्त ने कहा कि मनरेगा कर्मी और जेएसएलपीएस का डाटा मिसमैच नहीं करे, समन्वय बनाकर कार्य करें । वहीं कुल 517 बागवानी सखी के चयन का भी निर्देश दिया गया, अभी तक 357 का चयन हुआ है ।
बैठक में जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, एलडीएम के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित उपस्थित थे ।
