सेसना 152 दुर्घटना: जमशेदपुर हादसे के लिए स्टंट को जिम्मेदार ठहराया गया
प्रशिक्षण विमान निर्धारित उड़ान क्षेत्र से भटक गया, अल्केमिस्ट एविएशन का दावा
प्रमुख बिंदु:
• स्टंट मैन्युवर के प्रयास के कारण चांडिल बांध में सेसना 152 दुर्घटनाग्रस्त हो गया
• विमान 5 समुद्री मील की त्रिज्या की उड़ान योजना से भटक गया
• अल्केमिस्ट एविएशन पीड़ितों के मुआवजे के लिए बीमा कंपनियों के संपर्क में है
जमशेदपुर – पिछले महीने चांडिल डैम में हुई सेसना 152 विमान दुर्घटना कथित तौर पर प्रशिक्षु पायलट और प्रशिक्षक द्वारा किए गए स्टंट के कारण हुई थी।
अल्केमिस्ट एविएशन के प्रबंध निदेशक मृणाल कांति पाल ने बेल्डीह क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घटना के बारे में चौंकाने वाले विवरण का खुलासा किया।
पाल ने बताया, “प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना स्टंट के कारण हुई।”
VT-TAJ के रूप में पंजीकृत यह विमान अपने निर्धारित उड़ान क्षेत्र से भटक गया था।
इसकी दूरी 320 रेडियल और 8 नॉटिकल मील बताई गई, जो 5 मील की सीमा से अधिक थी।
अलकेमिस्ट एविएशन के अधिकारियों के अनुसार, संभवतः इस विचलन के कारण ही यह दुर्घटना हुई।
1979 में निर्मित सेसना 152 के पास वैध उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र थे।
इसका अंतिम निर्धारित निरीक्षण 19 अगस्त 2024 को होगा।
दुर्घटना से पहले विमान ने 16,128:40 एयरफ्रेम घंटे दर्ज किए थे।
दुर्घटना जांच की प्रगति
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने गहन जांच शुरू कर दी है।
मलबा चांडिल बांध से बरामद कर सोनारी हवाई अड्डे पर सुरक्षित रख दिया गया है।
जांचकर्ताओं ने विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज और नमूने एकत्र किए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और संबंधित कर्मियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
पाल ने कहा, “हम पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।”
खोज और बचाव प्रयास
यह दुर्भाग्यपूर्ण उड़ान 20 अगस्त को प्रातः 10:32 बजे सोनारी हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी।
सुबह करीब 11:35 बजे संपर्क टूट गया, जिसके बाद व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
प्रारंभिक खोज में टाटा स्टील के विमान और अन्य अल्केमिस्ट एविएशन के विमानों ने भाग लिया।
जिला अधिकारियों, भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ के संयुक्त अभियान द्वारा विमान को बरामद कर लिया गया।
एक अधिकारी ने बताया, “विमान 10 मीटर की गहराई पर उल्टा पाया गया।”
पायलट योग्यता और विमान की स्थिति
दोनों चालक दल के सदस्यों के पास वैध लाइसेंस थे तथा वे प्रशिक्षण उड़ान की आवश्यकताओं को पूरा करते थे।
प्रशिक्षक के पास 2,158 उड़ान घंटे थे, जबकि प्रशिक्षु के पास 81:35 घंटे थे।
प्रशिक्षक कैप्टन अंशुमान ने उड़ान के अंतिम क्षणों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया, “वीटी-टीएजे की अंतिम स्थिति कॉल से पता चला कि यह अनुमत दायरे से बाहर था।”
जांच जारी है तथा अधिकारी भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
