सरयू राय के समर्थकों ने कांग्रेस सदस्यों द्वारा पुतला दहन की निंदा की
भाजमुमो नेता ने विधायक का बचाव किया, स्वास्थ्य मंत्री पर लगाया साजिश का आरोप
प्रमुख बिंदु:
• भाजमुमो ने कथित कांग्रेस सदस्यों द्वारा सरयू राय का पुतला जलाने की निंदा की
• जिला अध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया
• श्रीवास्तव ने जमशेदपुर पूर्व में आदिवासी समुदाय के लिए रॉय के काम की प्रशंसा की
जमशेदपुर – भारतीय जनतंत्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने कांग्रेसियों द्वारा विधायक सरयू राय का पुतला जलाने की निंदा की है।
श्रीवास्तव का दावा है कि ये कार्रवाइयां स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निर्देश पर की गईं।
इसके अलावा, उन्होंने संबंधित पार्टियों पर निर्वाचन क्षेत्र में झूठे आरोप फैलाने का आरोप लगाया।
भाजमुमो नेता ने एक आदिवासी महिला पर हमला करने के आरोप में मुन्ना सिंह की गिरफ्तारी से संबंधित लंबित मामले पर प्रकाश डाला।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस की निष्क्रियता मंत्री के करीबी व्यक्तियों की संलिप्तता के कारण है।
इसके अलावा, श्रीवास्तव ने मुन्ना सिंह और सरयू राय को जाति से जोड़ने वाले दावों का खंडन किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाशिए पर पड़े समुदाय से आने वाले सिंह को योग्यता के आधार पर अदालत से राहत मिली।
भाजमुमो अध्यक्ष ने जमशेदपुर पूर्व में आदिवासी समुदाय के लिए विधायक रॉय के योगदान की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में रॉय का काम पिछले तीन दशकों में किए गए प्रयासों से कहीं अधिक है।
इसके अतिरिक्त, श्रीवास्तव ने समुदाय से आग्रह किया कि वे राजनीतिक षड्यंत्रों से गुमराह न हों।
उन्होंने घोषणा की कि सरयू राय वापस लौटने पर जनता के सामने इन मुद्दों को उठाएंगे।
इस बीच, बीजेएम नेता ने इन राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाइयों के खिलाफ संभावित कार्रवाई की चेतावनी दी।
गुरुवार को जारी श्रीवास्तव के बयान का उद्देश्य जमशेदपुर पूर्वी के विधायक के खिलाफ आरोपों का जवाब देना था।
उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में रॉय के कार्य और योगदान का निष्पक्ष मूल्यांकन करने का आह्वान किया।
भाजमुमो द्वारा रॉय का पुरजोर बचाव जमशेदपुर पूर्व में राजनीतिक तनाव को उजागर करता है।
इसके अलावा, यह क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक गुटों के बीच चल रही प्रतिद्वंद्विता को भी रेखांकित करता है।
स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ श्रीवास्तव के आरोपों ने स्थानीय राजनीतिक बहस में एक नया आयाम जोड़ दिया है।
यह स्थिति जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय राजनीति की जटिल गतिशीलता को दर्शाती है।
जैसे-जैसे विवाद सामने आता है, यह देखना बाकी है कि अन्य राजनीतिक दल इस पर क्या प्रतिक्रिया देंगे।
भाजमुमो का रुख जमशेदपुर पूर्व में संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के लिए मंच तैयार करता है।
