जेएमएम नेता विनोद पांडे ने मैया योजना की सफलता को लेकर भाजपा की आलोचना की
भगवा पार्टी का दावा, महिलाओं के बीच योजना की लोकप्रियता से परेशान
प्रमुख बिंदु:
• झामुमो के विनोद पांडे ने मैया योजना की सफलता पर भाजपा की प्रतिक्रिया की आलोचना की
• आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए जमशेदपुर में पार्टी की बैठक
• पांडे ने झारखंड में जनसांख्यिकीय परिवर्तन के पीएम मोदी के दावों का खंडन किया
जमशेदपुर – झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा पर मैया योजना की “व्यापक सफलता” से बेचैन होने का आरोप लगाया है।
पांडे ने यह टिप्पणी कदमा स्थित शहीद निर्मल महतो सामुदायिक भवन में एक बैठक के बाद की।
इस बैठक का उद्देश्य आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा की चालों का मुकाबला करने के लिए एक खाका तैयार करना था।
इसके अलावा, कोल्हान क्षेत्र के बूथ स्तर से लेकर केंद्रीय स्तर तक के पार्टी कार्यकर्ताओं ने बैठक में भाग लिया।
पांडे ने इस बात पर जोर दिया कि मैया योजना विशेष रूप से महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि इस योजना से 48 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं, जो झामुमो के पिछले वोटों से अधिक है।
इसके अलावा, पांडे ने कहा कि झारखंड सरकार जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना योजनाओं को लागू करती है।
जनसांख्यिकी परिवर्तन के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में झामुमो नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दावों का खंडन किया।
उन्होंने तर्क दिया कि झारखंड की सीमा किसी भी विदेशी देश से नहीं लगती, जिससे अवैध घुसपैठ की संभावना से इंकार किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, पांडे ने किसी भी घुसपैठ के संबंध में केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों से जवाबदेही की मांग की।
झामुमो नेता ने भाजपा पर झारखंड में राजनीतिक परिदृश्य बदलने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा में अब कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा और झामुमो के नेता शामिल हैं।
पांडे ने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों में लोग भाजपा के बैनर तले प्रचार करने से हिचक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी को इन क्षेत्रों में भारी नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, पांडेय के जमशेदपुर दौरे का उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए झामुमो कार्यकर्ताओं में जोश भरना था।
बैठक में राज्य में भाजपा के कदमों का मुकाबला करने के लिए रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
पांडे का बयान झारखंड में झामुमो और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को उजागर करता है।
मैया योजना की सफलता दोनों दलों के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा प्रतीत होती है।
जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, दोनों पार्टियों द्वारा अपने प्रचार अभियान तेज करने की संभावना है।
ऐसा लगता है कि झामुमो अपनी कल्याणकारी योजनाओं की लोकप्रियता का लाभ अपनी चुनावी रणनीति में उठाने के लिए तैयार है।
