डॉ. अजय कुमार ने NEET परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाया
जमशेदपुर के पूर्व एसपी ने NEET विवाद को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की
जमशेदपुर के पूर्व एसपी और पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार ने जमशेदपुर लौटते ही साकची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए नीट परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाया।
जमशेदपुर – जमशेदपुर के एसपी के रूप में अपने कार्यकाल के लिए प्रसिद्ध डॉ. अजय कुमार ने साकची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें 5 मई 2024 को आयोजित होने वाली नीट यूजी परीक्षा पर गंभीर चिंता जताई।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश भर में 4,750 केंद्रों पर 23 लाख से अधिक प्रतिभागियों के साथ आयोजित की गई परीक्षा को 14 जून को निर्धारित होने के बावजूद 4 जून को परिणाम जल्दी जारी करने के कारण विवादों का सामना करना पड़ा।
डॉ. अजय ने पूर्ण अंकों की संदिग्ध रूप से उच्च संख्या की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें 67 विद्यार्थियों ने 720 में से 720 अंक प्राप्त किए, तथा ऐसे अंकों में अचानक वृद्धि पर प्रश्न उठाया।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने छह परीक्षा केंद्रों पर देरी से शुरू होने के कारण 1563 छात्रों को ग्रेस अंक दिए थे।
डॉ. अजय ने केंद्र सरकार पर नीट परीक्षा में लीक और धांधली की अनुमति देने का आरोप लगाया तथा इस घोटाले को कथित तौर पर छुपाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की आलोचना की।
उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की, 580 से अधिक अंक लाने वाले छात्रों का विवरण जारी करने, 12वीं बोर्ड के अंकों को नीट स्कोर के साथ जोड़ने तथा संदिग्ध परीक्षा केंद्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग प्रकाशित करने की मांग की।
डॉ. अजय ने कहा, “वर्तमान सरकार के तहत NEET परीक्षा समस्याओं से भरी हुई है और इसमें पारदर्शिता का अभाव है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद में इन चिंताओं पर विचार करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. अजय के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र सोनकर, जिला अध्यक्ष नगर, रवींद्र झा, बबलू झा, जिला उपाध्यक्ष और अन्य पार्टी सदस्य मौजूद थे।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उपस्थित लोगों के बीच गूंजी तथा परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया।
