आगामी लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा करना आवश्यक है

नए शासनादेश मतदाता जागरूकता के लिए उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि में पारदर्शिता लागू करते हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी अनन्य मित्तल ने आदेश दिया है कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों को उनके खिलाफ किसी भी आपराधिक आरोप का खुलासा करना होगा।

जमशेदपुर – जिला निर्वाचन अधिकारी अनन्य मित्तल ने आदेश दिया है कि लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों को पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उनके खिलाफ किसी भी आपराधिक आरोप का खुलासा करना होगा।

उम्मीदवारों को अपने संबंधित राजनीतिक दलों को सूचित करने के साथ-साथ फॉर्म 26 में एक हलफनामे के माध्यम से अपने आपराधिक मामलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।

ये पार्टियाँ इस डेटा को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर प्रदर्शित करने के लिए ज़िम्मेदार हैं।

अपने नामांकन जमा करने के बाद, दोनों उम्मीदवार और उनकी पार्टियाँ इस जानकारी को प्रमुख समाचार पत्रों और टेलीविजन नेटवर्क में तीन बार प्रसारित करने के लिए बाध्य हैं।

यह निर्देश सुनिश्चित करता है कि मतदाताओं के पास चुनावी उम्मीदवारों की कानूनी पृष्ठभूमि को समझने के लिए पर्याप्त जानकारी हो।

चुनाव प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य चुनाव से पहले उम्मीदवारों के सभी आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करना सुनिश्चित करके एक सूचित मतदान माहौल को बढ़ावा देना है।

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

झारखंड राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस पर अपने विधायकों को एकजुट न रख पाने का आरोप, सीपीआई(एमएल) का तीखा पलटवार

रांची, 18 जून (आईएएनएस)। झारखंड राज्यसभा चुनाव के मतदान परिणामों को लेकर इंडिया गठबंधन के अंदर तनातनी बढ़ गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)...

निधन के बाद मिला सम्मान, भारत के पहले टेस्ट-ट्यूब बेबी के जनक डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। भारतीय चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में 19 जून की तारीख एक अहम स्थान रखती है। यह दिन हमें उस...

अभिमत

झारखंड राज्यसभा चुनाव से तय होंगे बड़े राजनीतिक संकेत

झारखंड की राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाला चुनाव कांग्रेस की राजनीतिक ताकत, इंडिया गठबंधन की एकता और विपक्षी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

ज़िद

संपादक की पसंद

11 वर्षों से अधूरी बागबेड़ा जलापूर्ति योजना के खिलाफ धरना, 15 दिन में शुरू नहीं हुई सप्लाई तो तेज होगा आंदोलन

जिला प्रशासन ने 14 जून से जलापूर्ति शुरू कराने का दिया था भरोसा दूरदराज से लोगों का लाना पड़ रहा पानी, बढ़ जाती हैं परेशानियां गर्मी...

के. आसिफ : जिनके सपनों ने ‘मुगल-ए-आजम’ को बनाया भारतीय सिनेमा की शान

मुंबई, 13 जून (आईएएनएस)। 14 जून 1922 को इटावा (उत्तर प्रदेश) में जन्मे के. आसिफ (मूल नाम: आसिफ करीम) का पारंपरिक पढ़ाई में मन...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत