झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी निलंबित विधायकों के साथ धरने में शामिल हुए
एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने पार्टी के तीन निलंबित विधायकों के साथ बुधवार को विधानसभा गेट पर धरना दिया, अपने निलंबन का विरोध किया और हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार से बेहतर युवा रोजगार नीतियों की मांग की।
रांची- झारखंड बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी बुधवार को विधानसभा गेट पर तीनों निलंबित बीजेपी विधायकों के साथ धरने पर बैठ गये.
बीजेपी ने कहा कि युवाओं की आवाज उठाने के कारण हेमंत सरकार के आदेश पर निलंबित किये गये तीनों विधायकों के साथ प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी भी विधानसभा के सामने धरना में शामिल हुए.
इससे पहले प्रदर्शन किया बी जे पी युवा विरोधी हेमंत सरकार से रोजगार नीति स्पष्ट करने और लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में विधायकों की बैठक हुई.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नेतृत्व में बाबूलाल मरांडी और नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, भाजपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर झारखंड में उत्पन्न संवैधानिक संकट, खराब कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार से उन्हें अवगत का.
भाजपा ने कहा : भाजपा विधायकों ने विधानसभा में युवाओं की आवाज उठायी तो हेमंत सरकार के इशारे पर दमनकारी नीति अपनायी गयी.
यहां बता दें कि झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन स्पीकर ने बीजेपी के तीन विधायकों बिरंची नाण, जय प्रकाश भाई पटेल और भानु प्रताप शाही को पूरे सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया था.
सत्र के चौथे दिन सदन से निलंबित तीन विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर डेरा डाल दिया है.
बिरंची, भानु और जय पटेल तीनों गद्दा, बेडशीट और तकिया लेकर धरने पर बैठे हैं.
भानु प्रताप शाही ने कहा कि अगर हम सदन में युवाओं के हक के लिए आवाज उठाते हैं तो हमें निलंबित कर दिया जाता है.
यह लोकतंत्र और संविधान का उल्लंघन करने जैसा है.
उन्होंने कहा कि जब भाजपा की सरकार बनेगी और बाबूलाल मरांडी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, तो जो लोग आज सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन्हें उनकी जगह दिखायी जायेगी.
उन्होंने कहा कि हेमन्त सोरेन अपने आकाओं को खुश करने के लिए तीन विधायकों की बलि चढ़ा दी.
बीजेपी विधायक बिरंची नाण ने कहा कि यह सरकार युवा विरोधी है. उन्होंने कहा कि यह बेरोजगार विरोधी है.
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार नोट गिनने और घोटाला करने में व्यस्त है. इस सरकार ने चार साल में कई हजार करोड़ का घोटाला किया है. हर वर्ग के लोगों को ठगने का काम किया गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि जब हमने सदन के अंदर सवाल पूछा तो हमें निलंबित कर दिया गया.
उन्होंने आगे पूछा कि क्या उन्होंने जूते और चप्पल का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने संवैधानिक तरीके से मांग की और केवल वेल में गये.
अगर वेल में जाना असंवैधानिक है तो विपक्षी विधायक क्या करेंगे?
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि हेमंत सोरेन ने अपने आकाओं को खुश करने के लिए दिल्ली की तर्ज पर तीन विधायकों की बलि चढ़ा दी है. लेकिन हम हार नहीं मानेंगे.
हमारा निलंबन वापस लें और सदन की कार्यप्रणाली में सुधार करें।’
भाजपा विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा कि झारखंड के 75 फीसदी युवाओं को नौकरी देने का झूठा आश्वासन दिया गया. सिर्फ 6000 युवाओं को नौकरी मिली. बाकी युवा परेशान हैं.
उन्होंने कहा कि आज हम विधानसभा अध्यक्ष की एक तरफा कार्रवाई के खिलाफ विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे हैं. हमें टारगेट कर काम किया जा रहा है. हमारा निलंबन वापस लें और सदन की कार्यशैली में सुधार करें.
झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी निलंबित विधायकों के साथ धरने में शामिल हुए
