August 11, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
शिक्षा

झारखंड शिक्षा विभाग सख्त: निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण को जिला व विद्यालय स्तर पर समितियों के गठन के निर्देश

झारखंड शिक्षा विभाग सख्त: निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण को जिला व विद्यालय स्तर पर समितियों के गठन के निर्देश

“शिक्षा सत्याग्रह” के संस्थापक अंकित आनंद की शिकायत पर सक्रिय हुई सरकार, अभिभावकों से मिल रही थीं लगातार शिकायतें

“झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017” के तहत समितियों का गठन अनिवार्य

जमशेदपुर: निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए झारखंड सरकार का स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग की अपर सचिव सीता पुष्पा ने 11 मार्च को राज्य के सभी उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधीक्षकों एवं जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर अविलंब विद्यालय स्तरीय फीस समिति तथा जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण/विनियमन समिति के गठन एवं उन्हें क्रियाशील करने का निर्देश दिया है। साथ ही, शुल्क नियंत्रण एवं विनियमन से संबंधित की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।

“झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017” के प्रावधानों के अनुसार इन समितियों का गठन अनिवार्य है। हालांकि, कई जिलों में अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी या समितियां निष्क्रिय थीं। इसके कारण निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों से मनमानी फीस वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

इस मुद्दे को भाजपा नेता सह “शिक्षा सत्याग्रह” के संस्थापक अंकित आनंद ने गंभीरता से उठाया था। उन्होंने मार्च के प्रारंभ में केंद्रीय स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय तथा झारखंड के शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर समितियों के गठन में देरी और उनकी निष्क्रियता के कारण अभिभावकों के आर्थिक शोषण का मुद्दा प्रमुखता से रखा था।

विभाग ने इस पत्राचार के आलोक में कार्रवाई करते हुए संबंधित निर्देश जारी किए हैं। इसकी सत्यापित प्रति अंकित आनंद को भी सूचनार्थ उपलब्ध कराई गई है।

इधर, जमशेदपुर में भी जिला शिक्षा विभाग द्वारा समिति की बैठक आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

अंकित आनंद ने कहा कि सरकार का यह कदम अभिभावकों को बड़ी राहत देगा। लंबे समय से फीस को लेकर कोई प्रभावी निगरानी नहीं थी। अब समितियों के सक्रिय होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और मनमानी पर रोक लगेगी। उन्होंने निर्देशों के सख्ती से पालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया और समय पर संज्ञान लेने के लिए केंद्रीय स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्यभर में फीस समितियों के सक्रिय होने के बाद स्कूल शुल्क के नियंत्रण और विनियमन को लेकर ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी।

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading