बिस्टुपुर पुलिस ने 35 दिनों में चोरी का मामला सुलझाया; आरोपी को 3 साल की सजा
टाटा स्टील कंपनी में चोरी के मामले में बिस्टुपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज होने के 35 दिनों के भीतर संदिग्धों को 3 साल की जेल की सजा सुनाई.
जमशेदपुर – जिला पुलिस मुख्यालय में एसएसपी प्रभात कुमार ने पुलिस अधिकारियों के साथ चर्चा की, जहां उन्होंने बताया कि इस दौरान बार-बार अपराध करने वालों की एक सूची बनाई गई थी.
सूची में कुल 42 अपराधियों के नाम शामिल हैं जिनके खिलाफ तीन या अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें ऐसे व्यक्ति भी शामिल हैं जो हत्या, शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन, चोरी और डकैती जैसे अपराधों के लिए जेल में समय बिता चुके हैं.
एसएसपी प्रभात कुमार ने आगे बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान यह पहली घटना थी जब पुलिस को किसी मामले में 35 दिन की अदालती सजा मिली.
उन्होंने अपने साथ हुई चोरी की एक घटना का वर्णन किया टाटा इस्पात 5 जुलाई को कंपनी की संपत्ति, 6 जुलाई को एफआईआर दर्ज कर संदिग्धों को जेल भेजा गया.
उल्लेखनीय है कि इस मामले में अनुसंधानकर्ता गुरुदयाल सिंह ने प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे से भी कम समय में आरोप पत्र समर्पित कर दिया था.
10 अगस्त को, अदालत के फैसले के परिणामस्वरूप मोहम्मद सब्जन और राकेश कुमार साह को चोरी में शामिल होने के लिए तीन साल की जेल की सजा मिली.
इस मामले में की गई त्वरित कार्रवाई को देखते हुए एसएसपी प्रभात कुमार ने शुक्रवार को केस के अनुसंधानकर्ता गुरुदयाल सिंह मुंडा और थाना प्रभारी को आर्थिक पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया. बिष्टुपुर थानेदार अंजनी कुमार.
बिस्टुपुर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की तारीख के 35 दिनों के भीतर इस चोरी के मामले का समाधान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो प्रभावी और समय पर कानून प्रवर्तन के लिए एक मिसाल कायम करती है.
