जमशेदपुर: साकची स्थित अग्रसेन भवन के प्रांगण में मुकेश मित्तल की अध्यक्षता में पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन की संरक्षक एवं कार्यकारणी समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया. बैठक का उद्देश्य 30 मार्च को होने वाले राजस्थान दिवस के आयोजन के पर चर्चा करना एवं सभी का सुझाव लेना था. बैठक में समाज के बुजुर्ग, युवा एवं नारी शक्ति ने भाग लिया एवं सभी ने बहुत ही ऊर्जा के साथ सकारात्मक सुझाव दिए.
बैठक में अध्यक्ष मुकेश मित्तल के बताया कि राजस्थान प्रदेश की स्थापना 30 मार्च, 1949 को राजपुताना नाम से की गई, जिसे बाद में बदलकर राजस्थान नाम दिया गया. राजस्थान प्रदेश स्थापना की प्रसन्नता एवं उल्लास में आगामी 30 मार्च को धालभूम क्लब मैदान में राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है.

बैठक में जिला महासचिव सीए विवेक चौधरी ने राजस्थान दिवस की रूपरेखा के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने हेतु तरह तरह के कार्यक्रमों की व्यवस्था की गयी है, जिसमे प्रमुख आकर्षण रहेगी चौकी-ढाणी, कठपुतली नाच, राजस्थानी वेश भूषा, राजस्थानी व्यंजन, बच्चों के लिए झूला इत्यादि.
बैठक में सुझाव आएगी कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए और इसमें ज्यादा से ज्यादा लोग भाग ले इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए.
यह भी सुझाव आया आया कि आयोजन स्थल पर लगने वाले स्टाल का नाम राजस्थान के प्रमुख शहरों के नाम पर रखना व अभी को राजस्थानी पगड़ी पहनना चाहिए.
बैठक में इस आयोजन को सफल बनाने हेतु निर्णय लिया गया कि आयोजन में सहयोग करने वाले दानदाता से ₹11000 की राशि ली जाएगी. इससे अधिक राशि नहीं ली जाएगी.
समाज के दूसरे सदस्यों को जोड़ने के लिए उनसे 200 रुपये सहयोग राशि लेने पर भी सहमति बनी जिससे कि सभी लोग इसमें अपनी भागीदारी दर्ज करवा सकें तथा इस आयोजन से अपने आपको जोड़ सकें.
इस बात को भी बार बार महत्त्व दिया गया कि आयोजन में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रहेगा.
कोषाध्यक्ष मोहित शाह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ.
