जमशेदपुर: मानगो स्थित संजीव नेत्रालय में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब आंख की सर्जरी करा चुके एक मरीज ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
मरीज और उसके परिजनों का दावा है कि ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी बेहतर होने के बजाय पहले से अधिक प्रभावित हो गई, जिससे अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
मरीज के अनुसार, उसने लगभग 45 हजार रुपये खर्च कर अस्पताल में आंख में लेंस प्रत्यारोपण (Lens Implant Surgery) कराया था। सर्जरी से उसे उम्मीद थी कि उसकी दृष्टि में सुधार होगा, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसकी आंखों की स्थिति और खराब हो गई।
उसने आरोप लगाया कि अब उसे पहले की तुलना में अधिक धुंधला दिखाई देता है।
परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने इस समस्या की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी तो उन्हें बार-बार यह कहकर इंतजार करने को कहा गया कि संबंधित चिकित्सक के आने के बाद ही मामले को देखा जाएगा।
उनका आरोप है कि लंबे समय तक इंतजार कराने के बावजूद डॉक्टर उनसे मिलने नहीं पहुंचे।
इसी बात को लेकर मरीज के परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और अस्पताल परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। शोर-शराबा सुनकर अस्पताल में मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन भी मौके पर जुट गए।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने भी अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मरीज की शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय मामले को टालने की कोशिश की गई।
मरीज के परिजनों का यह भी आरोप है कि विवाद के बावजूद अस्पताल ने मरीज की आंखों की दोबारा जांच कराने या सर्जरी के बाद उत्पन्न कथित जटिलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करने की कोई पहल नहीं की।
मरीज ने कहा है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संजीव नेत्रालय प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इसलिए मरीज और उसके परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है तथा अस्पताल का पक्ष आना अभी शेष है।
