August 28, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
भारत

पश्चिम बंगाल में असामाजिक गतिविधियों पर रोक के लिए नया विधेयक

पश्चिम बंगाल में असामाजिक गतिविधियों पर रोक के लिए नया विधेयक

29 जून को विधानसभा में पेश होगा सुरक्षा कानून

मुख्य बिंदु:

29 जून को पेश होगा नया सुरक्षा विधेयक

एक वर्ष तक निवारक हिरासत का होगा प्रावधान

संपत्ति जब्त करने का अधिकार भी मिलेगा सरकार को

कोलकाता – पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती के लिए एक नया कानून लाने जा रही है।

‘द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ नाम का यह विधेयक 29 जून को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस विधेयक की राजपत्र अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस सप्ताह की शुरुआत में बजट सत्र की चर्चा के दौरान इस विधेयक की योजना का खुलासा किया था। उन्होंने सदन में इसका संकेत पहले ही दे दिया था।

कलकत्ता राजपत्र के एक विशेष अंक में यह विधेयक प्रकाशित किया गया है। इसका मकसद सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया है।

साथ ही, संगठित असामाजिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना भी इसका उद्देश्य है। यह प्रस्तावित कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की मौजूदा धाराओं से दो प्रमुख मामलों में अलग है।

कानून का पहला हिस्सा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले व्यक्तियों से जुड़ा है। विधेयक अधिनियम बनने के बाद ऐसे व्यक्ति को एक वर्ष तक निवारक हिरासत में रखा जा सकेगा।

वहीं, दूसरे हिस्से के तहत राज्य सरकार को विशेष अधिकार मिलेगा। बीएनएस की संबंधित धारा के जरिए अपराध में संलिप्त व्यक्ति की संपत्ति जब्त की जा सकेगी।

पहले हिस्से को लागू करने के लिए एक सलाहकार बोर्ड बनाया जाएगा। यह बोर्ड तय करेगा कि किसी खास व्यक्ति पर निवारक गिरफ्तारी का प्रावधान लागू होगा या नहीं।

इसके अलावा, बोर्ड निवारक हिरासत के औचित्य की भी जांच करेगा। हिरासत में लिए गए व्यक्ति को अपने बचाव के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त करने का अधिकार होगा।

इस सलाहकार बोर्ड का नेतृत्व कलकत्ता उच्च न्यायालय के मौजूदा या पूर्व न्यायाधीश करेंगे। बोर्ड में दो और सदस्य शामिल होंगे, जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद के योग्य होंगे।

नए प्रावधान के अनुसार, पुलिस को भी विशेष शक्तियां मिलेंगी। यदि किसी व्यक्ति से अशांति फैलने की आशंका हो, तो पुलिस उसे किसी क्षेत्र से निकाल सकेगी या वहां प्रवेश रोक सकेगी।

इसके साथ ही, कानून को लागू करने वाले पुलिसकर्मियों और सरकारी अधिकारियों के लिए सुरक्षा प्रावधान भी जोड़े गए हैं। यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था की मौजूदा चुनौतियों के बीच उठाया गया है।

बंगाल में हाल के महीनों में राजनीतिक हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद से प्रशासन कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। विधानसभा का बजट सत्र इस समय जारी है, जिसमें कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हो रही है।

(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)

न्यूज़लेटर

हर सुबह की बड़ी खबरें, सीधे आपके इनबॉक्स में

टाउन पोस्ट का न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें — कोई स्पैम नहीं, बस ज़रूरी खबरें।

हम आपकी जानकारी को सुरक्षित रखते हैं। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

धन्यवाद! कृपया सब्सक्रिप्शन की पुष्टि के लिए अपना ईमेल जांचें।

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading