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रांची, 20 जून (आईएएनएस)। झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में 18 जून को पोडै़याहाट पंचायत के मुखिया अनुपम भगत पर फायरिंग की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में शातिर अपराधी अंकित यादव, नयन यादव और अमरकांत गिरी उर्फ कारु शामिल हैं।
मुखिया अनुपम कुमार के लिखित आवेदन पर अंकित यादव और दो अन्य के खिलाफ पोडै़याहाट थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए, गोड्डा के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एसआईटी टीम ने त्वरित अनुसंधान और छापेमारी करते हुए इस मामले में संलिप्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने अपने कबूलनामे में बताया कि उन्होंने अनुपम कुमार भगत पर हमला इसलिए किया, क्योंकि उन्होंने शैलेंद्र भगत हत्याकांड में गवाही दी थी। उन्होंने योजना बनाकर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पिस्टल से फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।
आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर, पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक अवैध पिस्टल, पांच चक्र गोली, एक अवैध देशी कट्टा, एक बोलेरो और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस मामले में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से लगातार छापेमारी जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में अंकित यादव और नयन कुमार यादव भाई हैं, जो ग्राम द्रोपद राजापुर, थाना पोडै़याहाट के निवासी हैं। वहीं, अमरकांत गिरी उर्फ कारु, ग्राम तेतरिया टिकर, थाना पोडै़याहाट, जिला गोड्डा का रहने वाला है। गोड्डा के हेडक्वार्टर डीएसपी जेपीएन चौधरी ने बताया कि अंकित यादव और नयन यादव शातिर अपराधी हैं, जिनके खिलाफ पहले भी कई हत्या और रंगदारी के मामलों में केस दर्ज हैं। ये दोनों कई बार जेल जा चुके हैं।
डीके
