बोले-हो भाषा को 8 वीं अनुसूची में शामिल करेंगे, अभी हमारा संघर्ष जारी रहेगा
जमशेदपुर : परसुडीह के जसकनडीह में गुरु कोल लाको बोदरा की जयंती हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। साथ ही लाको बोदरा का आदमकद प्रतिमा का अनावरण पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने किया।
आदिवासी हो भाषा वारंगक्षिति के जनक ओत् गुरु कोल लाको बोदरा की 106 वीं जयंती के मौके पर जसकनडीह में लाको बोदरा के आदमकद प्रतिमा का आनावरण झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने किया। इस मौके समाज के कई प्रमुख लोग शामिल हुए।इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जन प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
वहीं चंपाई सोरेन ने कहा कि हो समाज को हर संभव मदद करेंगे। लाको बोदरा जैसे महान ब्यक्ति को कभी भुलाया नहीं जा सकता, हर हाल में हो भाषा को 8 वीं अनुसूची में शामिल करेंगे।समाज के लोगो ने कई आंदोलन किये और कुर्बानी दी। अभी हमरा संघर्ष जारी हैँ। जल जंगल जमीन को बचाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। मुख्यमंत्री रहते हमने कम समय में बहुत कुछ किया।

