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मुंबई, 10 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने को कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड अभी नहीं टूटा है।
दलवई ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि एनडीए के लोग जान बूझकर देश में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने 12 साल में देश के लिए कोई काम नहीं किया है। जवाहर लाल नेहरू ने जितना काम किया था, पीएम मोदी उसके आसपास भी नहीं हैं।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विवादित बयान को देश के लिए गलत बताया है। उन्होंने कहा कि असल में उन्होंने ही देश को धर्मशाला बना दिया है। योगी, मोदी और उनके सहयोगी हर समय हिंदू धर्म का मुद्दा उठाते रहते हैं। यह किसने किया है? आप ही तो ऐसा कर रहे हैं। इसके लिए आप दूसरों पर दोष क्यों मढ़ रहे हैं?
दलवई ने कहा कि योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लगातार हिंदू-हिंदू का मुद्दा उठाना ही भारत को धर्मशाला बनाने का काम कर रहा है। भाजपा नेता खुद धर्म के नाम पर देश की सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ रहे हैं और फिर दूसरों को दोष दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि भारत की धरती उन लोगों के लिए ‘धर्मशाला’ नहीं हो सकती, जिनकी देश के प्रति आस्था नहीं है और जो इसके संस्कारों तथा परंपराओं का सम्मान नहीं करते।
इंडी अलायंस की बैठक को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव के बयानों पर दलवई ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “उनकी जो मांग है, वह तो राहुल गांधी हमेशा पूरी करते रहते हैं। कांग्रेस को यह मालूम है और कांग्रेस इस तरह से सबको साथ में लेने की कोशिश करती है।”
दलवई ने गठबंधन की एकता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस सभी सहयोगी दलों की भावनाओं का सम्मान करती है और सामूहिक रूप से लोकतंत्र की रक्षा के लिए काम कर रही है।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनाव आयोग के कामकाज पर राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन करते हुए हुसैन दलवई ने कहा कि कांग्रेस पार्टी निराश नहीं है, बल्कि नाराज है। जो हो रहा है, वह पूरी तरह गलत है। चुनाव आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, उसका सीधा असर निष्पक्ष चुनाव पर पड़ रहा है। चुनाव ठीक से कराने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों को कमजोर किया जा रहा है।
दलवई ने आगे आरोप लगाया कि सरकार ने अपने ही सेक्रेटरी को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया, जिससे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि आरएसएस से जुड़े लोगों को महत्वपूर्ण संस्थानों में लाकर न्यायपालिका समेत अन्य अहम संस्थाओं को भी कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
एसएकेवीसी
