टाटा स्टील के एमडी टी.वी. नरेंद्रन की टाटा संस बोर्ड में एंट्री की संभावना
मुंबई/जमशेदपुर : देश के बड़े कॉरपोरेट घरानों में से एक 165 बिलियन डॉलर के Tata Group की होल्डिंग कंपनी Tata Sons अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बड़ा बदलाव कर सकती है। खबर है कि T. V. Narendran को टाटा संस के बोर्ड में शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वर्तमान में वह Tata Steel के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर 12 जून को होने वाली टाटा संस की अहम बोर्ड बैठक में चर्चा की जा सकती है। कॉरपोरेट जगत में इस खबर को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदर्शन का मिल सकता है बड़ा इनाम
बताया जा रहा है कि टाटा संस के चेयरमैन N. Chandrasekaran अनुभवी और मजबूत ऑपरेशनल नेतृत्व को बोर्ड में शामिल कर कंपनी को और मजबूत करना चाहते हैं। टी.वी. नरेंद्रन वर्ष 2013 से टाटा स्टील का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके कार्यकाल को कंपनी के लिए परिवर्तनकारी दौर माना जाता है।
उनके नेतृत्व में टाटा स्टील ने Bhushan Steel का सफल अधिग्रहण और एकीकरण किया। साथ ही कंपनी ने अपने कर्ज में बड़ी कमी लाई और भारत तथा ब्रिटेन में डीकार्बोनाइजेशन पहल के जरिए “ग्रीन स्टील” की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए।
रणनीतिक रूप से अहम फैसला
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि नरेंद्रन की बोर्ड में एंट्री से टाटा संस को औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का मजबूत अनुभव मिलेगा। एक मार्केट विश्लेषक के अनुसार, वैश्विक सप्लाई चेन और चक्रीय उद्योगों की उनकी समझ समूह की दीर्घकालिक रणनीति को मजबूती दे सकती है।
12 जून की बैठक पर नजर
हालांकि Tata Group की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन 12 जून की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में बोर्ड नियुक्तियों के अलावा समूह की विभिन्न कंपनियों के प्रदर्शन की समीक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर कारोबार के भविष्य के रोडमैप पर भी चर्चा होने की संभावना है।
जमशेदपुर के लिए गर्व का क्षण
इस खबर को जमशेदपुर में भी काफी उत्साह के साथ देखा जा रहा है। टी.वी. नरेंद्रन ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा स्टील सिटी में बिताया है और यहां के औद्योगिक जगत में उनकी खास पहचान है। यदि उनकी नियुक्ति होती है तो यह जमशेदपुर के लिए गर्व का विषय माना जाएगा।
अगर यह फैसला मंजूर होता है, तो टी.वी. नरेंद्रन उन चुनिंदा आंतरिक सीईओ की सूची में शामिल हो जाएंगे जिन्हें टाटा संस के बोर्ड में जगह मिली है। इससे समूह की “वन टाटा” रणनीति को भी और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
