झारखंड के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का निधन, गोमिया में शोक की लहर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया शोक, बोले- राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाए
बेरमो : बिहार और झारखंड सरकार में मंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता माधव लाल सिंह का बुधवार सुबह निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और रांची के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर फैलते ही बोकारो जिले के गोमिया विधानसभा क्षेत्र समेत पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्री सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान सहित किया जाए।
माधव लाल सिंह गोमिया विधानसभा क्षेत्र की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते थे। वे चार बार गोमिया से विधायक चुने गए थे। अपने सरल स्वभाव, जनसंपर्क और सामाजिक सरोकारों के कारण वे क्षेत्र में “माधव बाबू” के नाम से बेहद लोकप्रिय थे।
परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजनीतिक जीवन में माधव लाल सिंह ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने वर्ष 1985, 1990, 2000 और 2009 में गोमिया विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। बिहार सरकार में वर्ष 2000 में वे कैबिनेट मंत्री बने थे। वहीं झारखंड राज्य गठन के बाद भी उन्होंने मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों ने उन्हें जनहित और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित नेता बताया।

गोमिया से लंबे समय तक विधायक रहे माधव लाल सिंह का निधन हो गया। उनका व्यक्तित्व अप्रतिम था। कोई दूसरा माधव लाल सिंह नहीं हो सकता। गरीबों के प्रति झुकाव, उग्रवाद प्रभावित इलाकों में रात-रात भर पैदल चल कर लोगों की बातें सुनना, ईमानदारी और कर्मठता ऐसी कि लोग उन पर रश्क करें। मैं उनके काफी करीब रहा। बेहद नजदीक से उन्हें देखा है। यही कह सकता हूं कि वैसा व्यक्तिव न भूतो, न भविष्यति। वह किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करते थे। यही उनकी लोकप्रियता का राज था। गरीब उन्हें अपना मानते थे। वह सामान्य जीवन जीने वाले, आदिवासियों के लिए शासन-प्रशासन के खिलाफ जाकर मदद करने वाले इंसान थे। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया। युगांतरकारी व्यक्तित्व के नाते माधव लाल सिंह हमेंशा याद किये जाएंगे।
सरयू राय, विधायक, जमशेदपुर पश्चिम
