मैथन डैम में बोटिंग का रोमांच बना खतरा
बिना अनुमति चल रहीं सैकड़ों नावें, सुरक्षा मानक नदारद
मुख्य बिंदु:
- बिना अनुमति सैकड़ों बोट और स्पीड बोट संचालित
- बिना प्रशिक्षण चालक चला रहे स्पीड बोट
- सुरक्षा व्यवस्था और मानकों का पूरी तरह अभाव
धनबाद – मैथन डैम में बोटिंग के दौरान सुरक्षा इंतजामों की कमी से पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ रही है।
मैथन डैम झारखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं।
हालांकि, बोटिंग के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
दूसरी ओर, डैम क्षेत्र में सैकड़ों नावें बिना अनुमति संचालित हो रही हैं। इनमें मोटर बोट भी शामिल हैं।
हालांकि, प्रशासन की ओर से इनके संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय नहीं किए गए हैं।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि कई बोट चालक प्रशिक्षित नहीं हैं। वे बिना अनुभव के स्पीड बोट चला रहे हैं।
उधर, यह स्थिति पर्यटकों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है।
हालांकि, कई मामलों में चालक स्टंट भी करते देखे गए हैं। यह गतिविधियां दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।
दूसरी ओर, बिना लाइसेंस के बोट संचालन नियमों का उल्लंघन है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि डैम क्षेत्र में कोई विशेष बचाव दल तैनात नहीं है। आपात स्थिति में राहत मुश्किल हो सकती है।
उधर, सुरक्षा उपकरणों की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखती है।
हालांकि, देश के कई राज्यों से लोग यहां घूमने आते हैं। वे परिवार के साथ बोटिंग का आनंद लेते हैं।
दूसरी ओर, उन्हें संभावित जोखिमों की जानकारी नहीं होती।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रशासन ने बोट संचालन के मानक तय नहीं किए हैं। इससे अव्यवस्था बनी हुई है।
उधर, विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे हालात कभी भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकते हैं।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर निगरानी की मांग उठ रही है। लोगों ने सुरक्षा मानकों को लागू करने की जरूरत बताई है।
दूसरी ओर, प्रशासन की सक्रियता अभी तक स्पष्ट नहीं दिखी है।


