जमशेदपुर: शहर की औद्योगिक इकाई टाटा मोटर्स के कारखाने में मजदूरों के मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। बीते 36 घंटे से मजदूर टाटा पावर के मुख्य गेट को जाम कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
वर्ष 2019 से निलंबित कर्मचारी बंटी सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में मजदूरों ने प्रबंधन और वर्तमान यूनियन पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
आंदोलन के समर्थन में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के कोल्हान प्रमंडल के सदस्य भी धरना स्थल पर पहुंचे।
बंटी सिंह ने आंदोलन के दौरान मजदूरों की विभिन्न मांगों को विस्तार से रखते हुए कहा कि वीआरएस के नाम पर कर्मचारियों को दबाव बनाकर मजबूर न किया जाए। इसके साथ ही अपरेंटिस बहाली शुरू कर स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार देने, कर्मचारी पुत्रों को प्रशिक्षण के बाद स्थायी नियुक्ति देने और मृतक कर्मचारियों के परिजनों को तीन माह के भीतर पूरा सेटलमेंट व नौकरी देने की मांग उठाई गई।
इसके अलावा, निष्कासित कर्मचारियों की बहाली और टाटा मोटर्स यूनियन के निष्पक्ष चुनाव की भी मांग की गई। मजदूरों ने डीसी और एसपी की निगरानी में गुप्त मतदान के जरिए चुनाव कराने की बात कही।
धरना स्थल पर उपस्थित एटक कोल्हान प्रमंडल के महासचिव अंबुज ठाकुर ने कहा कि जमशेदपुर एक प्रतिष्ठित औद्योगिक नगरी है और ऐसे में श्रम कानूनों का उल्लंघन तथा मजदूरों का शोषण गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने टाटा मोटर्स प्रबंधन से मांग की कि मजदूरों के प्रतिनिधियों से शीघ्र वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो एटक पूरी ताकत के साथ आंदोलन में शामिल होगी। साथ ही, हाल के दिनों में पुलिस द्वारा मजदूरों के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी उन्होंने निंदा की और कहा कि पुलिस की भूमिका शांति बनाए रखने की होनी चाहिए, न कि किसी पक्ष का समर्थन करने की।
आंदोलन को समर्थन देने के लिए एटक के हीरा अरकने, निगमानंद पॉल, जय शंकर प्रसाद, पवन कुमार, श्रवण कुमार, राजू समद, राम जीवन कामत सहित अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
