बोकारो : डीवीसी के बोकारो थर्मल पावर प्लांट में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कोयला खाली कर रही एक मालगाड़ी अचानक बेकाबू हो गई और तेज रफ्तार में प्लांट के बंद गेट को तोड़ते हुए बाहर की ओर निकल गई। इसी दौरान ट्रैक पार कर रही एक स्कॉर्पियो (संख्या JH01FT 3824) को मालगाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी और उसे करीब 400 से 500 मीटर तक घसीटते हुए ले गई।
स्कॉर्पियो चालक अमरदीप (कथारा निवासी) ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 4 बजे कोयला लदा रैक प्लांट में दाखिल हुआ था और 7 बजे तक अनलोडिंग पूरी हो गई थी। नियमानुसार रैक को इंजन आगे की दिशा में रखकर बाहर निकाला जाना चाहिए, लेकिन इसे रिवर्स में बाहर लाया जा रहा था। हैरानी की बात यह रही कि पीछे गार्ड बोगी भी नहीं थी और न ही कोई प्रभावी सिग्नल व्यवस्था, जिससे यह हादसा हुआ।
मालगाड़ी की तेज रफ्तार के कारण उसने प्लांट का गेट तोड़ दिया और करीब 500 मीटर आगे जाकर उसका पिछला हिस्सा बेपटरी हो गया, तब जाकर गाड़ी रुकी। स्थिति और भयावह हो सकती थी, क्योंकि उसी समय गोमो-चोपन पैसेंजर के आने का समय था। गनीमत रही कि मेन लाइन का गेट बंद था, वरना बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, रेलवे अधिकारी और सीआईएसएफ टीम मौके पर पहुंची। बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव, स्टेशन मैनेजर शैलेश कुमार और सीआईएसएफ निरीक्षक प्रशांत कुमार प्रसून ने घटनास्थल का जायजा लिया।
प्राथमिक जांच में रैक चालक अरुण कुमार पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आए हैं। रेलवे और प्लांट प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
