विक्रम शर्मा हत्याकांड में दुमका जेल कनेक्शन सामने आया, फरार आरोपियों पर ₹1 लाख का इनाम
जमशेदपुर : व्यवसायी विक्रम शर्मा की सनसनीखेज हत्या के दो महीने बाद भी इस मामले में शामिल मुख्य शूटर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की जांच और रफ्तार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हत्याकांड के चंद दिनों बाद तक पुलिस की कार्रवाई तेजी से चल रही है लेकिन धीरे-धीरे शिथिल होती नजर आ रही है पुलिस की कार्रवाई।
कई राज्यों में तेज हुई छापेमारी
डालनवाला थाना की पुलिस टीमों ने अपनी कार्रवाई उत्तराखंड से बाहर बढ़ाते हुए झारखंड के लोहरदगा और दुमका जिलों में भी छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, शूटरों को पकड़ने के साथ-साथ उन लोगों की पहचान भी की जा रही है, जिन्होंने घटना के बाद उन्हें शरण दी हो सकती है।
दुमका जेल में फिर पूछताछ
मामले में अहम मोड़ तब आया जब देहरादून पुलिस ने दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह से एक बार फिर दो घंटे तक पूछताछ की। अखिलेश ने पुलिस को बताया कि शूटर किसी न किसी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जिन लोगों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया वे हर गिरोह के लड़कों के साथ संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह दूसरी बार पूछताछ है, जिसमें आरोपी के फरार होने के रास्ते और वर्तमान ठिकाने को लेकर सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है। हत्या के तुरंत बाद भी उससे इसी मामले में पूछताछ हुई थी।
विक्रम शर्मा की हत्या के बाद अखिलेश के साम्राज्य की कमान अशोक के हवाले
चर्चा यह भी है कि विक्रम शर्मा की हत्या के बाद गैंगस्टर अखिलेश सिंह की सहमति से विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड समेत उससे जुड़े करोड़ों के कारोबार की जिम्मेदारी सोनारी निवासी अशोक सिंह राघव को सौंप दी गई है। अदालत से दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस निर्णय की सूचना संबंधित लोगों को दे दी गई है।
मॉल में दिनदहाड़े हत्या से मचा था हड़कंप
यह मामला 13 फरवरी 2026 का है, जब विक्रम शर्मा की सिल्वर सिटी मॉल में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी और मामला सुर्खियों में आ गया था। कई सुराग मिलने के बावजूद अब तक शूटर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
आरोपियों की पहचान, इनाम घोषित
पुलिस ने हत्या में शामिल कई आरोपियों की पहचान कर ली है। इनमें बागबेड़ा (गढ़ाबासा) के विशाल कुमार सिंह और यशराज, जुगसलाई के आशुतोष कुमार सिंह, बागबेड़ा के आकाश कुमार प्रसाद, उलीडीह के जितेंद्र कुमार साहू और लोहरदगा के अंकित वर्मा शामिल हैं।
इनकी गिरफ्तारी में तेजी लाने के लिए प्रत्येक आरोपी पर ₹1 लाख का इनाम घोषित किया गया है। साथ ही, इनके घरों पर वांटेड पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं।
लोकल नेटवर्क पर पुलिस की नजर
जांच एजेंसियां अब उस स्थानीय नेटवर्क को तोड़ने पर ध्यान दे रही हैं, जिसने आरोपियों को फरार रहने में मदद की हो सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों की मदद करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार छापेमारी और कई सुराग मिलने के बावजूद मामला अब तक सुलझ नहीं पाया है, जिससे पुलिस और आम जनता दोनों में बेचैनी बनी हुई है।
