महिलाओं की भागीदारी से तेज हुआ विरोध, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मुख्य बिंदु:
- सामुदायिक भवन पर अवैध कब्जे का आरोप
- महिलाओं की बड़ी भागीदारी से बढ़ा दबाव
- मारपीट और धमकी के आरोप भी सामने आए
जमशेदपुर – मछुआ बस्ती के लोगों ने सामुदायिक भवन कब्जे के आरोप पर जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
सोमवार को जिला समाहरणालय परिसर में बड़ी भीड़ जुटी। हालांकि, टेल्को के जेम्को क्षेत्र से सैकड़ों लोग पहुंचे।
दूसरी ओर, प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी काफी अधिक रही। इससे आंदोलन और ज्यादा प्रभावी दिखा।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, उन्होंने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा।
इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
आरोप है कि बस्ती के सामुदायिक भवन पर कब्जा किया गया है। इसके कारण स्थानीय लोगों को उपयोग में परेशानी हो रही है।
हालांकि, लोगों ने एक व्यक्ति पर कब्जे का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आम लोगों को अंदर नहीं जाने दिया जाता।
उधर, भवन के सामने खाली जमीन पर निर्माण कार्य जारी है। इसे लेकर बस्तीवासी लगातार विरोध कर रहे हैं।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि विरोध करने पर मारपीट की जाती है। कुछ लोगों ने हथियार दिखाकर धमकाने की बात कही।
इसके कारण इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। वहीं, तनाव लगातार बना हुआ बताया गया है।
बताया गया कि दो दिन पहले भी झड़प हुई थी। इसमें एक महिला समेत चार लोग घायल हुए थे।
हालांकि, सभी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। उस समय विवाद का कारण डीजे बताया गया था।
लेकिन प्रदर्शनकारियों का दावा अलग है। उनके अनुसार असली विवाद भवन को लेकर है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय अफरा-तफरी रही। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
उधर, किसी बड़े टकराव की सूचना नहीं मिली। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही।
उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन जारी रहेगा। जब तक भवन कब्जामुक्त नहीं होगा, विरोध चलता रहेगा।

