महिला आरक्षण पर भाजपा का बड़ा बयान: 33% से 50% तक पहुंचाने का लक्ष्य, जनगणना के बाद होगा लागू
जमशेदपुर : शहर के बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में सोमवार को भाजपा की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला आरक्षण, जनगणना और परिसीमन को लेकर पार्टी नेताओं ने अपनी रणनीति और आगामी योजनाओं को स्पष्ट किया। कार्यक्रम में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
संवाददाता सम्मेलन में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने से पहले जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसका नोटिफिकेशन वर्ष 2023 में जारी किया जा चुका है और प्रक्रिया पूरी होते ही इसे विधानसभा और लोकसभा में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी लगभग 13 से 14 प्रतिशत है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बढ़ाकर 33 प्रतिशत करना चाहते हैं। साथ ही दीर्घकालिक लक्ष्य इसे 50 प्रतिशत तक ले जाने का है, ताकि महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिल सके।
मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि एससी और एसटी वर्ग के लिए सीटों में भी वृद्धि की जाएगी। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ बाधाएं खड़ी करना है, लेकिन भाजपा जनगणना के बाद हर हाल में इस व्यवस्था को लागू करेगी।
वहीं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि झारखंड में अर्जुन मुंडा के मुख्यमंत्री रहते पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार महिला सशक्तिकरण के लिए काम कर रहे हैं और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के जरिए समाज में बदलाव लाने का प्रयास किया गया है।
भानु प्रताप शाही ने कांग्रेस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो पार्टी 2023 में इस मुद्दे के साथ थी, वही 2026 में इसका विरोध कर रही है। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को रांची में भाजपा द्वारा विशाल जन आक्रोश पदयात्रा निकाली जाएगी, जो 30 अप्रैल तक राज्य के सभी जिलों और मंडलों तक पहुंचेगी।
