मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा-राज्य में हाथियों के हमले में किसी भी इंसान की मौत न हो
झारखंड में हाथियों के हमले से 27 लोगों की गई जान, एलिफेंट रेस्क्यू के लिए तैयार होगा नया मैकेनिज्म
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि हाथी के हमलों से एक भी इंसान की मृत्यु न हो, यह सुनिश्चित करें। एलीफेंट कॉरिडोर की मैपिंग और QRT को मजबूत किया जाए। जन-माल की सुरक्षा और पीड़ितों को त्वरित न्याय सरकार की प्राथमिकता है।
झारखंड में बीते तीन महीने में राज्य के पश्चिम सिंहभूम विभिन्न जिलों में जंगली हाथियों का उत्पात देखने को मिल रहा है। लगभग तीन दर्जन लोगों की जान गई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जंगली हाथियों की चपेट में आने से जिन लोगों की मौत हुई है, सरकार उनके आश्रितों को उचित मुआवजा और सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजधानी रांची में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जंगली हाथियों के हमलों को हर हाल में रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि हाथियों के हमले से एक भी इंसान की मृत्यु न हो यह वन विभाग सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वैसे प्रभावित क्षेत्र जहां हाथियों द्वारा लगातार जान-माल की क्षति पहुंचाई जा रही वहां बचाव और सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। जितनी जल्द हो इसकी व्यवस्था की जाए।
प्रशिक्षण देकर एलीफेंट तैयार हो रेस्क्यू टीम
हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पिछले कुछ दिनों में हाथियों के हमलों से बड़ी संख्या में कैजुअल्टी की सूचना प्राप्त हुई है। राज्य के चाईबासा, जमशेदपुर, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, लोहरदगा, गुमला, दुमका आदि जिला में हाथियों के हमलों से पिछले कुछ महीनों में लगभग 27 लोगों की मृत्यु हुई है, यह गंभीर विषय है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में हाथियों द्वारा जान-माल की हानि पहुंचाई जा रही है, उन क्षेत्रों के ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए।
वन विभाग ग्रामीणों से स्थापित करे समन्वय
ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों को मशाल जलाने के लिए डीजल एवं किरासन तेल, पुराने टायर, टॉर्च, सोलर सायरन इत्यादि उपलब्ध कराए जाएं ताकि ग्रामीणों को हाथी भगाने में सहूलियत हो सके। वन विभाग प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जागरूकता अभियान और सुरक्षा के जरूरी उपाय करे।
मंगाए जा रहे 6 कुनकी हाथी
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में हाथी विचरण करते हैं, जंगल के इलाकों से कुछ हाथी भटक कर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं फिर वन विभाग इन हाथियों से ग्रामीणों को सुरक्षित करने के लिए कोई बेहतर मेकैनिज्म क्यों तैयार नहीं कर पाया है।
मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने कहा कि वन विभाग की ओर से जल्द हाथी रेस्क्यू के लिए एक बेहतर क्विक जिम्मेदार मेकैनिज्म तैयार करने की योजना है। विभाग की ओर से 6 कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं जिसकी मदद से ट्रैकिंग सिस्टम में सहयोग मिल सकेगा। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि एलीफेंट रेस्क्यू सिस्टम को मजबूत बनाने को लेकर विभाग द्वारा एलीफेंट रेस्क्यू विशेषज्ञ की मदद भी ली जाएगी।
12 दिनों के भीतर मुआवजा की पूरी राशि मिलनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति होने पर मुआवजे की राशि पीड़ित परिवार को प्रदान करने में विलंब नहीं होनी चाहिए। कहा कि जानवरों के हमले से अगर किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उस घटना के 12 दिन के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा की पूरी राशि मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनिमल अटैक से संबंधित मुआवजा के जो भी प्रावधान पहले से बनाए गए हैं उन नियमों में जरूरी संशोधन कर पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने को एक प्रभावी नियमावली बनाई जाए।

