बिहार के 8100 बैंकों में 27 जनवरी को लटकेंगे ताले, हड़ताल में शामिल होंगे 50 हजार कर्मचारी
सार्वजनिक, निजी, विदेशी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के हजारों कर्मचारी हिस्सा बनेंगे इस आंदोलन का
पटना : बिहार समेत देशभर में 27 जनवरी को बैंकिंग सेवाएं बाधित रहेंगी। अब तक के निर्णय के अनुसार तो हड़ताल तय मानी जा रही है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से बुलाए गए इस हड़ताल को लेकर पटना में बैंककर्मियों ने रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन के सचिव अमरेश विक्रमादित्य ने कहा कि सार्वजनिक, निजी, विदेशी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के हजारों कर्मचारी इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता और व्यापारियों के वित्तीय लेनदेन पर पड़ने की आशंका है। बैंक यूनियनें लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन पर दबाव बना रही हैं।
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मुख्य मांग
हड़ताल का सबसे प्रमुख एजेंडा बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना है। बैंक यूनियनों का कहना है कि 7 दिसंबर 2023 और 8 मार्च 2024 को हुए समझौतों में इसकी सिफारिश की गई थी, लेकिन इसे अभी तक अमली जामा नहीं पहनाया गया है। कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। हड़ताल को प्रभावी बनाने के लिए बैंकिंग क्षेत्र की नौ प्रमुख यूनियनें एक साथ आई हैं। गुरुवार को संवददाता सम्मेलन में यह स्पष्ट कर दिया गया कि जब तक समझौते के अनुसार मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बैंककर्मियों ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए अपनी जायज मांगों को दोहराया है।
