झारखंड की चाकुलिया गौशाला में गोपाष्टमी महोत्सव 29 अक्टूबर को, परंपरा व नवाचार का संगम बनेगा आकर्षण का केंद्र
- कलकत्ता पिंजरापोल सोसाइटी की चाकुलिया शाखा में होगा गौ-आवास व केचुआ खाद निर्माण केंद्र का शुभारंभ
- प्रख्यात उद्यमी, समाजसेवी व गौशाला के अध्यक्ष गिरधारी लाल गोयनका मुख्य अतिथि, किए जाएंगे सम्मानित
चाकुलिया /जमशेदपुर (झारखंड) : गौ सेवा को समर्पित पर्व गोपाष्टमी के अवसर पर कलकत्ता पिंजरापोल सोसाइटी की चाकुलिया शाखा गौशाला में बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 को भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।


यह आयोजन श्रद्धा, उत्साह और नवाचार का संगम बनने जा रहा है, जिसमें पारंपरिक आस्था और आधुनिक सोच का सुंदर मेल देखने को मिलेगा।
गौशाला के सचिव एवं प्रमुख समाजसेवी संजय लोधा ने बताया कि इस दिन लगभग 7000 वर्ग फीट में निर्मित नए गौ-आवास और करीब 3000 वर्ग फीट में बने केचुआ खाद निर्माण केंद्र का शुभारंभ किया जाएगा।
यह प्रयास परंपरागत गौ-सेवा को आधुनिक पर्यावरणीय दृष्टिकोण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भक्ति और नवाचार से भरेगा आयोजन का वातावरण
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे अतिथियों के आगमन और अल्पाहार से होगा। इसके बाद श्रीकृष्ण पूजन, गौ-पूजन, दीप प्रज्वलन और हवन से वातावरण भक्तिमय बन जाएगा।
दोपहर 12:15 बजे नवनिर्मित गौ-आवास और केचुआ खाद निर्माण केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा। इस गौ-आवास में 70 गोवंश के लिए आधुनिक और स्वच्छ व्यवस्था की गई है, जिससे क्षेत्र में सतत गौ-सेवा को नई दिशा मिलेगी।
गिरधारी लाल गोयनका रहेंगे मुख्य अतिथि
इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चाकुलिया के गौरव और कोलकाता निवासी प्रसिद्ध उद्यमी, समाजसेवी एवं चाकुलिया गौशाला के अध्यक्ष गिरधारी लाल गोयनका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनका सम्मान समारोह आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

संजय लोधा ने बताया कि बुधवार
दोपहर 12:45 बजे अतिथि परिचय व सम्मान के पश्चात चाकुलिया एवं गौशाला समिति की संयुक्त बैठक तथा कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।
गौ-सेवा और पर्यावरण जागरूकता को नई दिशा
कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और हाई-टी के साथ किया जाएगा। आयोजन को लेकर समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों में उत्साह देखा जा रहा है।
संजय लोधा ने बताया कि चाकुलिया गौशाला क्षेत्र में गौ-सेवा, जैविक खाद निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निरंतर सक्रिय है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन, सांस्कृतिक जागरूकता और सतत विकास की दिशा में प्रेरणा का कार्य करेंगे।
