रांची: झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ की कार्यकारिणी की बैठक आज रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संघ भवन में आयोजित हुई। झासा की अध्यक्ष श्रीमती रंजीता हेंब्रम की अध्यक्षता में आहूत इस बैठक में राज्य प्रशासनिक सेवा से जुड़े कई समसामयिक विषयों पर विमर्श हुआ। बैठक में महासचिव श्री राहुल कुमार, संयुक्त सचिव श्रीमती मीना, कार्यालय सचिव प्रवीण कुमार सिंह, उपाध्यक्ष श्री मुस्तकीम अंसारी एवं श्री श्याम नारायण राम, वेबसाइट प्रभारी श्री रविराज शर्मा सहित कई कार्यकारिणी सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।
आज की बैठक के एजेंडा में निम्नलिखित विषय शामिल रहे –
१. प्रीमियर सर्विस
2. वेतन विसंगति पर चर्चा
3. संयुक्त सचिव से लेकर एसडीएम रैंक तक की लंबित प्रोन्नति पर अविलंब डीपीसी कर प्रोन्नति दी जाए
4. कुछ पदाधिकारियों को कई महीनो से पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है, जो प्रशासनिक पदाधिकारी का मनोबल तोड़ने वाली बात है सरकार जल्द से जल्द प्रतिस्थापन हेतु कदम उठाए ।
5. प्रोन्नति के बाद भी राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से निम्र्तर पदों पर काम लिए जाने के प्रति कार्यकारिणी ने क्षोभ व्यक्त किया
6. सदस्यता शुल्क जमा करने के लिए बैंक के द्वारा पेमेंट लिंक का प्रस्ताव दिया गया है, जिसपर सहमति दी गई
7. झारखंड सरकार के द्वारा जो चिकित्सा योजना लाई गई है उसमें कई भी संगतिया हैं इस कार्य हेतु एक प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य सचिव से जल्द मिलेगा, साथ ही प्रशासनिक सेवा के जो सदस्य बाह्य सेवा में है, उनके लिए स्वास्थ्य सुविधा का विकल्प उपलब्ध नहीं होने पर विचार विमर्श किया गया l
8. नजारत उपसमाहर्ता जैसे पदों को अपने कैडर पोस्ट में समाहित करना
9. खेल प्रतियोगिता का आयोजन एवं
10. आम सभा की बैठक की संभावित तिथि 7 दिसंबर रखी गई है
11. भारतीय स्टेट बैंक में सभी सदस्यों का सैलरी अकाउंट खोलने दिए गए प्रस्ताव पर एक वर्कशॉप किया जाएगा
जिलों की इकाइयों से नियमित बैठकें करने की अपील
-अध्यक्ष श्रीमती रंजीता हेंब्रम ने झासा की जिला इकाइयों से भी अपील की है कि वे निर्धारित अंतराल पर जिलों में झासा की बैठक जरूर करते रहें। -इससे न केवल अधिकारियों में आपसी मेलजोल बढ़ेगा बल्कि जिले में प्रशासनिक समन्वय भी बेहतर होगा।
-सदस्यों के बीच खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को दिया जाएगा बढ़ावा
-अध्यक्ष श्रीमती हेंब्रम ने कहा कि झारखंड प्रशासनिक सेवा राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा है। अत्यधिक कार्य बोझ एवं उत्तरदायित्व के चलते -अधिकारियों की दैनंदिन व्यस्तता स्वाभाविक है। इसके बावजूद राप्रसे अधिकारियों को विभिन्न खेलकूद की गतिविधियों एवं कला-साहित्य जैसी -सांस्कृतिक गतिविधियों से भी जोड़ने के लिए संघ अपने स्तर से जरूरी पहल करेगा।
झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की की बैठक में समस्याओं पर चर्चा
