जमशेदपुर के गोविंदपुर में राशन घोटाले को लेकर हंगामा, माँ मंगला स्वयं सहायता समूह के खिलाफ उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा
समिति पर राशन वितरण में अनियमितता का आरोप, उपभोक्ताओं ने उठाई कार्रवाई की मांग
जमशेदपुर: गोविंदपुर स्थित माँ मंगला स्वयं सहायता समूह महिला समिति के खिलाफ मंगलवार की सुबह स्थानीय उपभोक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा।
सरकारी राशन वितरण में अनियमितता और लापरवाही को लेकर बड़ी संख्या में उपभोक्ता समिति कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और जमकर नारेबाज़ी व विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने समिति पर आरोप लगाया कि बीते कई दिनों से उन्हें नियत मात्रा में सरकारी राशन नहीं मिल रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समिति के पदाधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर टालते रहे, जबकि वास्तव में वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ताओं में महिलाएं, पुरुष और बुजुर्गों की संख्या अधिक रही। सभी ने एक सुर में समिति को तत्काल बर्खास्त कर राशन वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की मांग की।
विरोध कर रही राजकुमारी देवी ने बताया कि पिछले तीन महीने से राशन नहीं मिल रहा है। कभी अनाज नहीं होने की बात कही जाती है, तो कभी तकनीकी खराबी का बहाना बना दिया जाता है। अब हम लोग परेशान हो चुके हैं।
आपूर्ति है, वितरण नहीं
प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं का दावा है कि राज्य सरकार द्वारा राशन की नियमित आपूर्ति की जा रही है, लेकिन उसका सही वितरण नहीं हो रहा है।
समिति द्वारा सूचीबद्ध उपभोक्ताओं को महीनों से अनाज नहीं दिया गया, जिससे क्षेत्र में भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कार्यप्रणाली पर सवाल
लोगों ने समिति की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राशन वितरण में पारदर्शिता नहीं है, और न ही उपभोक्ताओं को कोई संतोषजनक जवाब दिया जाता है।
कई बार शिकायत करने के बाद भी स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया है।
प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषी पाए जाने पर समिति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
साथ ही, उपभोक्ताओं को उनका बकाया राशन अविलंब उपलब्ध कराया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में स्थिति नहीं सुधरी, तो वे जिला मुख्यालय तक मार्च करेंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
प्रशासन मौन, समिति की चुप्पी
घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और स्वयं सहायता समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इससे उपभोक्ताओं में और भी नाराजगी देखी जा रही है।
