पटमदा : जी हां, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के कोल्हान प्रमंडल के संगठन सचिव उज्ज्वल कुमार महतो के अथक प्रयास से एक दिहाड़ी मजदूर के चेहरे पर उस वक्त लौटी मुस्कान जब उनका गायब हथौड़ा उन्हें दुबारा मिल गया। करीब 10 हजार की कीमत वाला हथौड़ा ही उनके रोजगार का मुख्य साधन है। हथौड़ा मिलते ही खुशी से उनकी आंखें भर आईं और बार-बार वह उज्ज्वल कुमार का आभार जताने लगे।
दरअसल पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला अंतर्गत पारबाद गांव निवासी देवशरण महतो पेशे से दिहाड़ी मजदूर हैं और वह जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में पुराने मकानों की छतों को तोड़ने एवं अन्य काम करते हुए अपनी आजीविका चलाते हैं।
बीते 16 सितंबर को वह जब शंकोसाई में काम पर ही थे तब उनके गांव के एक मरीज ने उनसे दूरभाष के माध्यम से मदद मांगी। फिर अपना काम छोड़कर वह मरीज की मदद करने साकची स्थित एक डॉक्टर के पास गए। मजदूर देवशरण अपने साथ अपना हथौड़ा लेकर एक टेम्पो में बैठ गए। साकची पहुंचने के बाद वह गलती से अपने हथौड़ा को उतारे बिना गांव के उस मरीज के साथ उतर गए। वहां से इलाज के बाद घर लौटने के क्रम में जब उन्हें अहसास हुआ कि उनका हथौड़ा तो टेम्पो में ही छूट गया है तो वह काफी परेशान हो गए।
वह शंकोसाई में मुख्य सड़क के किनारे खड़ा होकर उस टेम्पो वाले की तलाश करने लगे। इसी बीच एक बोलेरो कार की चपेट में आने से उनका एक पैर कुचल गया। इससे वह काफी हताश और निराश रहने लगे। बाद में इसकी जानकारी जेएलकेएम नेता उज्ज्वल कुमार को दी। फिर उक्त मजदूर के साथ शंकोसाई स्थित बीपीसीएल के पेट्रोल पंप में जाकर कर्मचारियों की मदद से सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और वहां से टेम्पो चालक का पता लगाया। लगातार प्रयास के बाद टेम्पो चालक से भेंट हुई और 19 सितंबर को हथौड़ा उन्हें वापस मिल गया। इसके लिए उन्होंने जेकेएलएम नेता का आभार जताया।
