आज जमशेदपुर के टेल्को घोड़ाबांधा में होगा रामदास सोरेन का श्राद्ध कर्म, जुटेंगे हजारों लोग, राज्यपाल व मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल
- जिला प्रशासन ने तैयारियां की पूरी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- घोड़ाबांधा आवास परिसर में उमड़ेंगे राजनीतिक, सामाजिक और जनसैलाब
जमशेदपुर : राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और झारखंड आंदोलन के पुरोधा रहे रामदास सोरेन के श्राद्धकर्म में मंगलवार को राज्य के दो शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
श्राद्ध कर्म का आयोजन जमशेदपुर के टेल्को घोड़ाबांधा स्थित रामदास सोरेन के पैतृक आवास पर किया गया है
राज्यपाल व मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सड़क मार्ग से दोपहर 12 बजे घोड़ाबांधा स्थित स्व. सोरेन के आवास पर पहुंचेंगे। वे वहां परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे और आधे घंटे रुकने के बाद 12.30 बजे रांची के लिए रवाना हो जाएंगे।
उधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का हेलीकॉप्टर 12.25 बजे घोड़ाबांधा के कंप्यूटा मैदान में बने अस्थायी हेलीपैड पर उतरेगा। वहां से वे कार द्वारा सीधे आवास परिसर पहुंचेंगे और 12.30 बजे श्रद्धांजलि देंगे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगभग 45 मिनट का रहेगा। वे 1.15 बजे घोड़ाबांधा से रवाना होंगे और 10 मिनट बाद कंप्यूटा मैदान से रांची के लिए उड़ान भरेंगे।
जिलेभर से जुटेंगे जनप्रतिनिधि
श्राद्धकर्म में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा कई पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और आमजन शामिल होंगे। अनुमान है कि हजारों की संख्या में लोग अंतिम विदाई और श्राद्ध भोज में शामिल होकर स्व. सोरेन को श्रद्धांजलि देंगे।
प्रशासन की तैयारियां
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी और एसएसपी पीयूष पांडे के नेतृत्व में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा चुकी है। घोड़ाबांधा आवास परिसर और कंप्यूटा मैदान में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा कारणों से आवास के आसपास बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की गई है।
रामदास सोरेन को दी जा रही अंतिम विदाई
रामदास सोरेन न केवल एक लोकप्रिय जननेता थे, बल्कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही लोगों की आवाज़ उठाने वाले संघर्षशील नेता रहे। उनके निधन से कोल्हान की राजनीति और समाज में गहरा शून्य महसूस किया जा रहा है। श्राद्ध भोज के बहाने मंगलवार को उनका आवास एक बड़ी राजनीतिक और सामाजिक बैठक स्थल में बदल जाएगा।
बताते चलें कि अगर 15 अगस्त को रामदास सोरेन का नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के क्रम में निधन हो गया था. अपने घोड़ाबांधा आवास के बाथरूम में गिरने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और एयर एंबुलेंस के जरिए उन्हें नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में ले जाया गया था.
