नेताजी सुभाष मैदान की उपेक्षा से जमशेदपुर में आक्रोश
प्रमुख बिंदु:
- 23 जनवरी के समारोह से पहले नेताजी सुभाष मैदान में गंदगी फैली मिली।
- बंगाली एसोसिएशन ने जमशेदपुर अक्षेस को सौंपी औपचारिक शिकायत.
- सफाई व मरम्मत की मांग पूरी न होने पर आंदोलन की धमकी।
जमशेदपुर- बंगाली एसोसिएशन बोंगो बंधु ने साकची स्थित नेताजी सुभाष मैदान की खराब स्थिति पर चिंता जतायी है. एसोसिएशन ने जमशेदपुर अक्षेस को एक पत्र सौंपा, जिसमें नेताजी सुभाष की प्रतिमा की तत्काल सफाई, सौंदर्यीकरण और मरम्मत की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।
रखरखाव एवं मरम्मत की मांग
एसोसिएशन की अध्यक्ष अपर्णा गुहा ने मैदान और प्रतिमा की उपेक्षा पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि साइट के पास हाई मास्ट लाइट गैर-कार्यात्मक है, और खुला गेट परिसर के दुरुपयोग की अनुमति देता है, कथित तौर पर कुछ व्यक्ति प्रतिमा के मंच का उपयोग मादक द्रव्यों के सेवन के लिए कर रहे हैं। गुहा ने जोर देकर कहा, ”नेताजी सुभाष के नाम पर रखा गया यह मैदान खस्ता हालत में है और हर जगह कूड़ा बिखरा हुआ है। तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।”
नेताजी के जन्मदिन की तैयारी
23 जनवरी को नेताजी सुभाष की जयंती नजदीक आने के साथ, एसोसिएशन ने उचित सफाई और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रतिमा के मंच और परिवेश में ऐसे प्रतिष्ठित नेता की गरिमा प्रतिबिंबित होनी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
बंगाली एसोसिएशन ने उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने आगामी समारोहों से पहले साइट के परिवर्तन को सुनिश्चित करने के लिए जमशेदपुर अक्षेस से आह्वान किया है। गुहा ने कहा, “इतने महत्वपूर्ण स्थल की उपेक्षा करना नेताजी की विरासत का अनादर है।”
उपस्थित सदस्य
निरीक्षण और ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित लोगों में अपर्णा गुहा, बिनोद डे, नांटू सरकार और प्रसन्नजीत सरकार शामिल थे, जिनमें से सभी ने सक्रिय रूप से अपनी चिंताओं और इस मुद्दे के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।
