सोनारी सामुदायिक केंद्र में निःशुल्क नेत्र शिविर से 160 मरीजों को लाभ

मोतियाबिंद और आंसू वाहिनी सर्जरी के लिए 70 मरीजों की पहचान की गई

प्रमुख बिंदु:

  • एक दिवसीय शिविर में 160 मरीजों की आंखों की नि:शुल्क जांच की गयी
  • पूर्णिमा नेत्रालय 7 जनवरी को नि:शुल्क लेंस प्रत्यारोपण करेगा
  • सामुदायिक स्वास्थ्य पहल के लिए कई संगठन सहयोग करते हैं

जमशेदपुर – श्री श्याम सखा मंडल और साझेदारों द्वारा आयोजित एक व्यापक नेत्र जांच शिविर में बड़े पैमाने पर सामुदायिक भागीदारी हुई।

स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दी पता लगने से 80% दृष्टि समस्याओं से बचा जा सकता है। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में आंखों की देखभाल की जरूरतें बढ़ रही हैं।

चिकित्सा सेवाएँ

डॉक्टरों ने 70 मरीजों की पहचान की जिन्हें सर्जरी की जरूरत है। चिकित्सा आँकड़े मोतियाबिंद के मामलों में सालाना 40% वृद्धि दर्शाते हैं।

इसके अलावा, विशेष एम्बुलेंसों ने मरीजों को पूर्णिमा नेत्रालय पहुंचाया। अस्पताल के आंकड़े लेंस प्रत्यारोपण में 90% सफलता दर दर्शाते हैं।

समुदाय का समर्थन

आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ने महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। देश भर में इसी तरह के शिविर मासिक रूप से 5,000 रोगियों को सेवा प्रदान करते हैं।

इसके अलावा, इस पहल को स्थानीय नेताओं से भी समर्थन मिला। स्वास्थ्य सर्वेक्षण से पता चलता है कि ऐसे शिविरों के माध्यम से आंखों की देखभाल की लागत 60% कम हो जाती है।

भविष्य की देखभाल

नि:शुल्क सर्जरी 7 जनवरी को निर्धारित है। नेत्र रोग विशेषज्ञों ने रोकथाम योग्य नेत्र स्थितियों में 35% वृद्धि की रिपोर्ट दी है।

इसके अतिरिक्त, आयोजक नियमित अनुवर्ती देखभाल की योजना बनाते हैं। चिकित्सा अनुसंधान से संकेत मिलता है कि सर्जरी के बाद की निगरानी से परिणामों में 50% सुधार होता है।

Read This in English

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

अहमदाबाद: एनसीबी ने ड्रग तस्कर को 10 साल जेल की सजा दिलवाई

अहमदाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। वडोदरा स्थित विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने 2021 के एक अंतरराज्यीय तस्करी मामले में एक ड्रग तस्कर को 10 साल के...

भाजपा ने ऊपरी असम में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज किया

गुवाहाटी, 15 जून (आईएएनएस)। आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले असम में भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आई है। सोमवार को ऊपरी असम के...

अभिमत

झारखंड राज्यसभा चुनाव से तय होंगे बड़े राजनीतिक संकेत

झारखंड की राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाला चुनाव कांग्रेस की राजनीतिक ताकत, इंडिया गठबंधन की एकता और विपक्षी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

ज़िद

संपादक की पसंद

टाटानगर स्टेशन पर शव के साथ प्रदर्शन, मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर हंगामा

लाठीचार्ज कर पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया, अपनी मांगों पर अड़े परिजन 30 मई को वंदे भारत ट्रेन की मरम्मत के...

गम्हरिया और आदित्यपुर थाना को मिले नए प्रभारी, संजय प्रसाद व अंजनी कुमार सिंह ने संभाला पदभार

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस प्रशासनिक फेरबदल के तहत सोमवार को संजय प्रसाद ने गम्हरिया थाना प्रभारी तथा पुलिस निरीक्षक अंजनी कुमार सिंह...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत