पलामू: श्री राधा कृष्ण मंदिर में 17वें श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन
वृन्दावन से कथावाचक स्तुति दीदी जी द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन
प्रमुख बिंदु:
- आयोजन की शुरुआत भागवत पुराण के पूजन व आरती से हुई
- कथावाचक ने मानव जीवन और भक्ति के महत्व पर जोर दिया
- बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए
मेदिनीनगर – रांची रोड स्थित रेड़मा स्थित राधा कृष्ण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का 17वां संस्करण शुरू हुआ.
समिति अध्यक्ष अजय तिवारी के नेतृत्व में भागवत पुराण के पूजन व आरती से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. इसके बाद प्रवचन देने के लिए वृन्दावन से कथावाचक स्तुति दीदी जी का स्वागत किया गया।
स्तुति दीदी जी ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा और मानव जीवन में इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुर्लभ मानव शरीर ईश्वरीय कृपा का एक उपहार है, जिसका उद्देश्य कष्टों को दूर करना और शाश्वत आनंद प्राप्त करना है। यह उद्देश्य सच्चे धर्म का पालन करने और संतों के मार्गदर्शन में धर्म कर्म में संलग्न होने से पूरा होता है।
उन्होंने आगे बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, सत्य का मार्ग दिखता है और मुक्ति मिलती है। इसके महत्व को समझकर इसके अमृत में डूब जाना चाहिए।
कार्यक्रम में आयोजन समिति के सदस्यों के साथ-साथ महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भी अच्छी-खासी उपस्थिति रही।
विशेष रूप से, श्रीमद्भागवत कथा को सभी वेदों का सार माना जाता है और माना जाता है कि यह उस भूमि को पवित्र करती है जहां इसका पाठ किया जाता है। :सामग्रीसंदर्भ[oaicite:0]{सूचकांक=0}
