चमरा लिंडा झामुमो मंत्री के रूप में हेमंत सोरेन कैबिनेट में शामिल हुए

बिशुनपुर के पूर्व बागी विधायक ने चौथी बार जीतने के बाद शपथ ली

प्रमुख बिंदु:

  • झामुमो से सुलह के बाद चमरा लिंडा को मंत्री पद मिला
  • चार बार के विधायक ने 32,000 से अधिक वोटों के अंतर से बिशुनपुर सीट जीती
  • लोकसभा चुनाव के दौरान पिछले विद्रोह के कारण अस्थायी निलंबन हुआ था

रांची- पूर्व बागी नेता चमरा लिंडा शामिल हुए झारखंड झामुमो के छठे मंत्री के रूप में कैबिनेट।

चार बार के बिशुनपुर विधायक ने उल्लेखनीय राजनीतिक लचीलापन दिखाया है। इसके अलावा, उनकी यात्रा क्षेत्रीय राजनीति के भीतर महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाती है। इस बीच, उनकी विधानसभा जीत मजबूत जन समर्थन को दर्शाती है।

चुनावी सफलता की कहानी

लिंडा का राजनीतिक करियर 2005 में एक मामूली हार के साथ शुरू हुआ। हालांकि, उन्होंने 2009 में राष्ट्रीय कल्याण पक्ष के माध्यम से अपनी पहली जीत हासिल की। इसके अलावा, बिशुनपुर में उनका प्रभाव तब से लगातार बढ़ा है।

झामुमो पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने टिप्पणी की, “लोगों का जनादेश हमारे नेतृत्व में उनके विश्वास को दर्शाता है।”

चुनावी प्रदर्शन

2024 के विधानसभा चुनाव ने लिंडा के मजबूत मतदाता आधार को प्रदर्शित किया। इसके अलावा, बिशुनपुर में उन्हें एक लाख से अधिक वोट मिले। इस बीच भाजपा प्रत्याशी समीर ओरांव काफी पीछे रहे.

राजनीतिक यात्रा और सुलह

लोकसभा चुनाव के दौरान लिंडा को अस्थायी निलंबन का सामना करना पड़ा। फिर भी, झामुमो ने उनका पार्टी में वापस स्वागत किया। इसके अलावा, उनकी मंत्री पद पर नियुक्ति पार्टी नेतृत्व के साथ पूर्ण सामंजस्य का प्रतीक है।

Read This in English

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

झारखंड राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस पर अपने विधायकों को एकजुट न रख पाने का आरोप, सीपीआई(एमएल) का तीखा पलटवार

रांची, 18 जून (आईएएनएस)। झारखंड राज्यसभा चुनाव के मतदान परिणामों को लेकर इंडिया गठबंधन के अंदर तनातनी बढ़ गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)...

निधन के बाद मिला सम्मान, भारत के पहले टेस्ट-ट्यूब बेबी के जनक डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। भारतीय चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में 19 जून की तारीख एक अहम स्थान रखती है। यह दिन हमें उस...

अभिमत

झारखंड राज्यसभा चुनाव से तय होंगे बड़े राजनीतिक संकेत

झारखंड की राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाला चुनाव कांग्रेस की राजनीतिक ताकत, इंडिया गठबंधन की एकता और विपक्षी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

ज़िद

संपादक की पसंद

बंद पड़े ABHIJEET PLANT में चल रहा था लोहा चोरी का खेल, पुलिस ने उपकरणों समेत पकड़ा गिरोह

खरसावां : सरायकेला-खरसावां जिले की खरसावां पुलिस ने बंद पड़े अभिजीत प्लांट में लोहा चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों...

2024 का चुनाव हम हारे नहीं और 2029 का चुनाव जीत चुके हैं : राहुल गांधी

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने एक ऐसा बयान दिया...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत