पलामू जिले में विधानसभा चुनाव के चलते वाहनों की सघन जांच में नकद रकम मिली
मुख्य बिंदु:
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पलामू में विधानसभा चुनाव को लेकर चेकपोस्ट पर सघन जांच जारी है
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डॉक्टर सुधांशु किरण की कार से छह लाख आठ हजार रुपये बरामद
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प्रशासन ने जिले में अवैध धन के उपयोग को रोकने के लिए आठ चेकपोस्ट बनाए
मेदिनीनगर – झारखंड के पलामू जिले में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत एक चेकपोस्ट पर सघन जांच के दौरान एक कार से छह लाख आठ हजार रुपये नकद बरामद हुए।
जिले में चल रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र प्रशासन ने चुनाव से संबंधित अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक सुरक्षा और निगरानी का अभियान शुरू किया है। प्रशासन ने पलामू जिले में आठ चेकपोस्ट स्थापित किए हैं जहां से गुजरने वाले वाहनों की गहन जांच की जा रही है। विशेषकर रेहला थाना क्षेत्र में स्थित चेकपोस्ट पर आने-जाने वाले सभी वाहनों की कड़ी निगरानी की जा रही है। मंगलवार को इसी चेकपोस्ट पर जांच के दौरान एक कार से यह बड़ी नकद राशि मिली।
चेकिंग अभियान और नकदी बरामदगी
मंगलवार शाम को गढ़वा की ओर से आ रही एक कार को रोककर जब जांच की गई तो उसमें से छह लाख आठ हजार रुपये नकद बरामद हुए। जांच में पता चला कि कार छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर निवासी डॉक्टर सुधांशु किरण की थी। इस मामले पर रेहला थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए वाहनों की कड़ाई से जांच की जा रही है। "चुनाव के मद्देनज़र अवैध नकदी या अन्य सामग्री की ढुलाई को सख्ती से रोका जा रहा है," उन्होंने कहा।
डॉक्टर का बयान और प्रशासन की प्रतिक्रिया
कार के मालिक डॉक्टर सुधांशु किरण से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह अपने गांव में चल रहे घर के निर्माण कार्य के लिए यह नकदी ले जा रहे थे। डॉक्टर किरण के इस स्पष्टीकरण के बावजूद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच जारी रखी है। फिलहाल बरामद नकदी के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है कि यह नकद राशि चुनावी गतिविधियों में उपयोग की जाने वाली थी या नहीं।
सख्त सुरक्षा व्यवस्था
पलामू जिला प्रशासन ने विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र अवांछित धन के प्रवाह और किसी भी असंवैधानिक गतिविधि पर कड़ी नजर रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं। चेकिंग अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आठ चेकपोस्टों पर निरंतर जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जिले में चुनाव के दौरान इस प्रकार के कड़े उपायों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी और चुनाव पारदर्शिता से सम्पन्न होंगे।

