नई सरस्वती प्रतिमा स्थापित की गई, जिसे छात्रों ने सजाया
प्रमुख बिंदु:
• डीबीएमएस ने बीएच एरिया, कदमा में नवरात्रि के लिए पारंपरिक गुड़िया पूजा का आयोजन किया
• नई देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई, चूड़ियों से सजाया गया
• विभिन्न अनुष्ठानों के साथ उत्सव 12 अक्टूबर तक जारी रहेगा
जमशेदपुर-जमशेदपुर में दक्षिण भारत महिला समाज (डीबीएमएस) ने कदमा में अपने बीएच एरिया परिसर में पारंपरिक गुड़िया पूजा के साथ अपने नवरात्रि उत्सव की शुरुआत की है।
उत्सव की शुरुआत सदस्यों द्वारा श्री ललिता सहस्रनाम के जाप के साथ हुई।
इसके अलावा, उद्घाटन दिवस के अनुष्ठानों के हिस्से के रूप में एक विशेष पूजा की गई।
इस वर्ष के उत्सव के केंद्र में देवी सरस्वती की एक नई प्रतिमा है।
इसके अलावा, प्रतिमा को विशिष्ट रूप से चूड़ियों से सजाया गया था, जिससे प्रदर्शन में एक विशिष्ट स्पर्श जुड़ गया।
नई सरस्वती प्रतिमा की स्थापना एवं साज-सज्जा में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उनकी भागीदारी ने पारंपरिक उत्सव में एक युवा ऊर्जा ला दी।
इसके अतिरिक्त, गुड़िया पूजा एक सप्ताह तक चलने वाले अनुष्ठानों और कार्यक्रमों की श्रृंखला की शुरुआत का प्रतीक है।
डीबीएमएस में नवरात्रि उत्सव 12 अक्टूबर तक चलने वाला है।
दूसरी ओर, आगामी सप्ताह में और अधिक अनुष्ठानों और गतिविधियों की योजना बनाई गई है।
इन आयोजनों का उद्देश्य समुदाय को नवरात्रि की भावना से जोड़ना है।
डीबीएमएस सदस्यों और छात्रों के बीच सहयोग अंतर-पीढ़ीगत भागीदारी पर प्रकाश डालता है।
यह दृष्टिकोण युवा पीढ़ी को शामिल करते हुए सांस्कृतिक परंपराओं की निरंतरता सुनिश्चित करता है।
डीबीएमएस में गुड़िया पूजा जमशेदपुर के उत्सव कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व करती है।
