विरोध के बावजूद यूपी-बिहार स्वाभिमान रैली आयोजित
भाजपा नेता मनीष कश्यप की अनुपस्थिति पर स्थानीय लोगों ने लिया हिस्सा
प्रमुख बिंदु:
• जमशेदपुर में विरोध के बीच यूपी-बिहार गौरव रैली का आयोजन
• कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड में यूपी और बिहार के निवासियों को सम्मानित करना है
• आयोजक का दावा भाजपा नेता कश्यप को कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया
जमशेदपुर – रविवार को इस्पात नगरी में एक विवादास्पद यूपी-बिहार गौरव रैली आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय विरोध के बावजूद उत्तर प्रदेश और बिहार से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
रैली के आयोजक सागर तिवारी ने भाजपा नेता मनीष कश्यप की अनुपस्थिति पर निराशा व्यक्त की।
तिवारी ने कहा, “रांची में अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कश्यप को कार्यक्रम में शामिल होने से रोक दिया।”
इसके अलावा, उन्होंने रैली के उद्देश्य पर जोर दिया कि झारखंड में यूपी और बिहार के निवासियों को मान्यता दी जाए।
तिवारी ने बताया, “हमारा उद्देश्य यूपी और बिहार के लोगों की बांग्लादेशी घुसपैठियों से की जाने वाली अनुचित तुलना को चुनौती देना है।”
इसके अलावा, उन्होंने जोर देकर कहा कि 15 नवंबर 2000 से पहले झारखंड में रहने वाले लोगों को झारखंडी माना जाना चाहिए।
तिवारी ने कहा, “हालांकि, स्थानीय राजनेता इन दीर्घकालिक निवासियों को निवास का दर्जा देने से इनकार कर रहे हैं।”
आयोजकों ने मान्यता और अधिवास स्थिति के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की शपथ ली।
इस बीच, झारखंड भाषा खतियान संघर्ष समिति, जिसे अब झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नाम से जाना जाता है, ने इस आयोजन का विरोध किया था।
फिर भी रैली बारीडीह चौक से एग्रिको चौक तक आगे बढ़ी।
इसके अलावा, भाजपा नेता कश्यप की अनुपस्थिति ने रैली के लिए राजनीतिक समर्थन पर सवाल खड़े कर दिए।
