कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ योजना की आलोचना की
पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार का दावा है कि मोदी सरकार की ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ योजना संविधान को बदलने की दिशा में एक कदम है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को कमजोर करना है।
प्रमुख बिंदु:
– डॉ. अजय कुमार ने कहा कि भाजपा की योजना संवैधानिक अखंडता के लिए खतरा है।
– दावा किया कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के तहत क्षेत्रीय दल कमजोर हो जाएंगे।
– दावा किया गया कि यह योजना अव्यावहारिक और असंवैधानिक है।
जमशेदपुर – पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने मोदी सरकार की ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ योजना की आलोचना करते हुए इसे भारतीय संविधान में बदलाव करने वाला कदम बताया है।
गुरुवार को जारी एक प्रेस बयान में डॉ. कुमार ने कहा, “भाजपा का इरादा संविधान बदलने का है और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ योजना उस दिशा में पहला कदम है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यह योजना भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और संघवाद के लिए खतरा है।
डॉ. कुमार के अनुसार, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लागू करने के लिए संविधान के कई अनुच्छेदों में संशोधन की आवश्यकता होगी, जिनमें अनुच्छेद 83, 85, 172, 174 और 356 शामिल हैं।
उन्होंने भाजपा पर इस योजना के जरिए क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
डॉ. कुमार ने देश भर में एक साथ चुनाव कराने की व्यावहारिकता पर भी चिंता जताई तथा कहा कि सरकार को राज्य स्तरीय चुनाव कराने में भी कठिनाई होती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस योजना से चुनावों का निजीकरण हो सकता है, उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार संसाधनों की कमी के कारण चुनाव प्रक्रिया को आउटसोर्स कर सकती है।
उन्होंने कहा, “जो सरकार चार राज्यों में चुनाव नहीं संभाल सकती, वह राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव कैसे संभाल सकती है?” उन्होंने प्रस्ताव को मोदी सरकार का एक और अधूरा वादा बताया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी और अन्य राजनीतिक समूह भाजपा को “लोकतंत्र को नष्ट करने की योजना” में सफल नहीं होने देंगे।
