रेलवे गड्ढा हादसा: लातेहार में तीन बच्चे डूबे
रेलवे लाइन के पास खुदाई में गिरे बच्चों के परिजनों ने मुआवजे की मांग की
प्रमुख बिंदु:
• लातेहार जिले में रेलवे द्वारा खोदे गए गड्ढे में तीन बच्चे डूबे
• बालूमाथ के नागरा गांव से 6-7 साल की उम्र के पीड़ित
• स्थानीय लोगों और पुलिस ने शव बरामद किए, डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया
जमशेदपुर – लातेहार जिले में एक दुखद घटना में तीन छोटे बच्चों की मौत हो गई, जो टोरी-शिवपुर लाइन के पास रेलवे द्वारा खोदे गए गड्ढे में डूब गए।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड के नागरा गांव में घटी। टोरी-शिवपुर रेल लाइन के किनारे रेलवे द्वारा खोदे गए गड्ढे के पास खेल रहे तीन बच्चे गलती से उसमें गिर गए और डूब गए।
मृतकों की पहचान राजेश यादव के बेटे रिशु कुमार (6), चरकू पाहन के बेटे सूरज कुमार (6) और कृष्णकांत गंजू के बेटे गोलू कुमार (7) के रूप में हुई है। तीनों बालूमाथ के नागरा गांव के रहने वाले थे।
स्थानीय निवासियों और बालूमाथ पुलिस ने मिलकर गड्ढे से शवों को निकाला। बच्चों को तुरंत इलाज के लिए बालूमाथ सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने बच्चों की जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर ने परिवारों को तोड़कर रख दिया है, और रिश्तेदार इस नुकसान से दुखी हैं।
इस हृदय विदारक घटना के विरोध में ग्रामीणों ने रेलवे विभाग से संपर्क किया है। वे प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार के अवसर और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
इन युवा लोगों की असामयिक मृत्यु से समुदाय सदमे और दुःख से जूझ रहा है। रेलवे उत्खनन स्थलों के आसपास सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की जांच करें। यह घटना उन क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर करती है जहां आवासीय क्षेत्रों के पास निर्माण या रखरखाव का काम किया जाता है।
