डॉ. अजय कुमार ने झारखंड में नए न्यूनतम वेतन कानून का समर्थन किया
जमशेदपुर के पूर्व सांसद ने सख्त प्रवर्तन और श्रमिक जागरूकता का आह्वान किया
कांग्रेस नेता ने आर्थिक लाभ और उचित मुआवजे की नैतिक अनिवार्यता पर जोर दिया।
जमशेदपुर – कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और जमशेदपुर के पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार ने मार्च 2024 में लागू किए जाने वाले झारखंड के नए न्यूनतम वेतन कानून को सख्ती से लागू करने का आह्वान किया है।
डॉ. कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “यह वृद्धि सिर्फ वेतन के बारे में नहीं है; यह हमारे श्रमिकों के लिए सम्मान, निष्पक्षता और न्याय के बारे में है।”
प्रमुख बिंदु:
कानून का कार्यान्वयन: न्यूनतम वेतन वृद्धि अधिनियम 2024, 11 मार्च 2024 को लागू हुआ।
डॉ. कुमार ने सभी व्यवसायों द्वारा, चाहे उनका आकार कुछ भी हो, अनुपालन पर बल दिया।
प्रवर्तन उपाय: मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के साथ निगरानी पर चर्चा हुई।
श्रम आयुक्त कार्यालय से निरीक्षण करने और शिकायतों का समाधान करने का आग्रह किया गया।
श्रमिक अधिकार: कर्मचारियों को अनिवार्य वेतन न मिलने पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
डॉ. कुमार ने नये कानून के तहत श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
आर्थिक प्रभाव: उचित वेतन से जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
मीडिया की भूमिका: प्रेस से कानून और श्रमिक अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने का अनुरोध किया गया।
डॉ. कुमार ने जोर देकर कहा, “उचित वेतन देना न केवल कानूनी दायित्व है; यह हमारी अर्थव्यवस्था को चलाने वाले कार्यबल के प्रति नैतिक कर्तव्य है।”
न्यूनतम मजदूरी लागू करने के लिए यह प्रयास झारखंड में आर्थिक विकास और श्रमिक कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए चल रहे प्रयासों को उजागर करता है।
