मेनहार्ट घोटाला: सरयू राय हाईकोर्ट द्वारा दिए गए विकल्पों का इस्तेमाल करने पर अड़े

जमशेदपुर पूर्व के विधायक ने कहा कि फैसले में आगे की कानूनी कार्रवाई के विकल्पों की रूपरेखा दी गई है

झारखंड उच्च न्यायालय ने विधायक सरयू राय की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने मेनहार्ट घोटाले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही, उन्होंने संभावित अगले कदमों के बारे में भी स्पष्ट जानकारी दी है। सरयू राय ने स्पष्ट किया है कि वे अपने पास उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे।

जमशेदपुर – झारखंड उच्च न्यायालय ने मेनहार्ट घोटाले से संबंधित विधायक सरयू राय की याचिका के मामले में अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय के फैसले ने याचिका को खारिज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कई रास्ते सुझाए हैं।

फैसले के मुख्य बिंदु

उच्च न्यायालय के फैसले में इस बात पर जोर दिया गया है कि चूंकि दो न्यायाधीशों की खंडपीठ पहले ही इस मामले पर फैसला सुना चुकी है, इसलिए एकल पीठ द्वारा इस मामले की सुनवाई करना अनुचित होगा।

हालाँकि, अदालत ने विधायक रॉय के लिए मामले को आगे बढ़ाने के लिए कई विकल्प बताए हैं:

1. 28 सितम्बर, 2018 के आदेश के कार्यान्वयन के लिए उच्च न्यायालय की खंडपीठ से संपर्क करें।

2. पुलिस स्टेशन में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराएं।

3. सक्षम न्यायालय में अलग से मामला दायर करें।

विधायक सरयू राय की प्रतिक्रिया

विधायक सरयू राय ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए रांची के डोरंडा या धुर्वा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की मंशा जताई है।

वह पुलिस से अनुरोध करने की योजना बना रहे हैं कि वह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा सीलबंद लिफाफे में उच्च न्यायालय को सौंपी गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्राप्त करे और उस पर कार्रवाई करे।

न्यायालय द्वारा बताए गए कानूनी विकल्प

उच्च न्यायालय का निर्णय मेनहार्ट घोटाले मामले में आगे की कार्रवाई के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करता है। यहाँ MLA के लिए उपलब्ध विकल्पों का विवरण दिया गया है सरयू रॉय:

विकल्प

विवरण

1

28 सितंबर, 2018 के आदेश के कार्यान्वयन के लिए उच्च न्यायालय की खंडपीठ से संपर्क करें

2

पुलिस स्टेशन में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराएं

3

सक्षम न्यायालय में अलग से मामला दर्ज करें

विधायक रॉय ने दूसरा विकल्प अपनाते हुए शीघ्र ही एफआईआर दर्ज कराने की मंशा जताई है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला मेनहार्ट के लिए सलाहकारों के चयन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। एसीबी ने प्रारंभिक जांच की है और रॉय की रिट याचिका की सुनवाई के दौरान सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सौंप दी है।

विधायक रॉय ने इस बात पर जोर दिया कि अदालत का फैसला आरोपों को खारिज नहीं करता बल्कि मामले को आगे बढ़ाने के लिए वैकल्पिक रास्ते प्रदान करता है। उन्होंने कहा, “अगर कोई दावा करता है कि इस मामले पर उच्च न्यायालय का कोई अलग आदेश है, तो उन्हें इसे पेश करना चाहिए।”

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

बागबेड़ा में कचरा प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार, स्थायी निष्पादन योजना पर बनी सहमति

जमशेदपुर : बागबेड़ा कॉलोनी में बढ़ती कचरा समस्या के समाधान को लेकर पंचायत समिति की बैठक में ठोस पहल की गई। विधायक संजीव सरदार...

कस्तूरबा विद्यालय सुंदरनगर में बाल अधिकार जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने दिखाया हुनर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बालिकाओं को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई, साथ...

अभिमत

ज़िद

ज़िद है आगे बढ़ने की,सबको पीछे छोड़करनया इतिहास गढ़ने की। ज़िद है मज़बूत बनने की,हर मुश्किल का सामना करने की,गिरकर भी हौसला बनाए रखने की। ज़िद...

जमशेदपुर में विंटर फेस्ट के तहत “जैम एट स्ट्रीट” बना आकर्षण का केंद्र, कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर खूब वाहवाही बटोरी

जमशेदपुर : जमशेदपुर के विंटर फेस्ट के तहत "जैम एट स्ट्रीट" (Jam@Street) एक बड़ा आकर्षण बना, जहाँ बिस्टुपुर की सड़कों पर संगीत, नृत्य, योग,...

संपादक की पसंद

सरयू राय कप (सीजन-1) 11-12 अप्रैल को, 16 टीमें लेंगी हिस्सा

जमशेदपुर। को-ऑपरेटिव कॉलेज मैदान में 11 और 12 अप्रैल को सरयू राय कप (क्रिकेट) सीजन-1 का आयोजन किया जाएगा। यह दो दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट...

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन ने रोइंग खेल में जीता पहला राष्ट्रीय पदक

जमशेदपुर: टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) ने रोइंग खेल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अकादमी की युवा खिलाड़ी श्रेया ने आज कटक...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत